2019 से कंप्यूटर, इलेक्ट्रिक व इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्र पुराने जमाने की तकनीक व कोर्स नहीं पढ़ेंगे। केंद्र सरकार अगले सत्र से बीटेक में एक कोर्स की बजाय बहुविषयक (मल्टी डिसिप्लिनरी इंजीनियरिंग) कोर्स को शामिल कर रही है। मतलब कंप्यूटर साइंस के छात्र इलेक्ट्रिक या इलेक्ट्रानिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी करेंगे। बीटेक में अब क्लाउड कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मार्केटिंग, रोबोटिक साइंस, डाटा एनालिस्ट आदि कोर एरिया को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार एसोचेम, नैसकॉम, सीआईआई, फिक्की, बीसीजी स्टडी की सिफारिश पर इंजीनियरिंग में नए कोर्स शामिल करने जा रही है। इससे 49 प्रतिशत छात्रों को भी इंजीनियरिंग के बाद अच्छा रोजगार मिल पाएगा। भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, क्लाउड कंप्यूटिंग, एंबोडिड एसडब्ल्यू इंटरनेट एसडब्ल्यू, मोबिलिटी, डाटा एनालिस्ट्स तकनीक की मांग के आधार पर बीटेक प्रोग्राम में नए कोर्स जुड़ेंगे। बीटेक प्रोग्...