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NDMC का बजट आया, प्रदूषण नियंत्रण पर रहेगा जोर




NDMC ने साल 2019-20 का अपना बजट पेश कर दिया है. इस बजट में जहां प्रदूषण को कम करने के उपायों पर जोर दिया गया है, वहीं सुरक्षा पर भी फोकस किया गया है. इसके अलावा स्कूलों को और अधिक हाई टेक बनाने पर भी बजट में प्रमुखता से रखा गया है.





नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ने साल 2019-20 का सालाना बजट पेश किया. एनडीएमसी ने आगामी साल के लिए चार हजार करोड़ से ज्यादा का बजट बनाया है. इसमें नई दिल्ली को और अधिक हाईटेक बनाने से लेकर प्रदूषण मुक्त बनाने पर जोर दिया गया है.

एनडीएमसी ने 4144 करोड़ का व्यय बजट बनाया है, जिसमें सबसे ज्यादा 34 फीसदी यानी 1400 करोड़ रुपए सिर्फ बिजली पर ही खर्च होंगे. इसके अलावा 30 फीसदी यानी 1242 करोड़ रुपए सामान्य प्रशासन पर खर्च किया जाएगा. वहीं, शिक्षा पर पांच फीसदी और स्वास्थ्य पर 8 फीसदी खर्च किया जाएगा.

बजट की सौगात

एनडीएमसी कई नई सुविधाएं देने जा रही है. एनडीएमसी का फोकस नई टेक्नोलॉजी से लेकर प्रदूषण पर रहने वाला है. स्मार्ट सिटी के तहत सभी पार्किंग की सीसीटीवी की लाइव फीड दी जाएगी. एनडीएमसी इलाके में केबल टीवी किफायती दरों में मिलेगा. सभी बिजली के मीटर स्मार्ट मीटर में तब्दील होंगे, जिससे मैन्युअल रीडिंग की जरूरत खत्म होगी. साथ ही उपभोक्ताओं को हर घंटे खपत की जानकारी मिल सकेगी.

प्रदूषण के खिलाफ नया कदम

प्रदूषण की रोकथाम के लिए बूढ़े पेड़ों की जगह नए वृक्ष लगाए जाएंगे. इसके अलावा 4 मिस्ट स्प्रे केनन मशीन खरीदी जाएंगी, रोड वाशिंग बढ़ाई जाएगी. एनडीएमसी का इस बार फोकस नए तरीके के परिवहन पर रहने वाला है. जिसके तहत ई स्कूटर शेयरिंग सिस्टम शुरू होगा. इसमें 1000 स्कूटर 100 जगहों पर मिलेंगे, जिसमें प्रति मिनट के हिसाब से पैसे वसूले जाएंगे. 100 जगहों पर ई चार्जिंग स्टेशन की सुविधा मिलेगी और 50 स्टेशन पर 500 स्मार्ट साईकल की सुविधा होगी.

खंभों पर लगेंगे पैनिक बटन

किसी भी आपात स्थिति में मदद मांगने के लिए सड़क किनारे लगे 625 पोल्स पैनिक बटन लगाए जाएंगे. मार्च 2019 तक डिजिटल डोर नंबर 49000 संपत्तियों के दिए जाएंगे. इससे बिजली मीटर, पानी मीटर और प्रॉपर्टी टैक्स की जानकारी मिल सकेगी, वहीं एनडीएमसी इलाके में 24 घंटे पानी के लक्ष्य के लिए फेज 1 शुरू होगा.

एजुकेशन सेक्टर में बड़े बदलाव

शिक्षा क्षेत्र में भी बजट में कई नई चीजें हैं. सभी प्राइमरी स्कूल की क्लासेज को स्मार्ट क्लासेज में बदला जाएगा. कुल 777 में से 444 क्लासेज पहले ही स्मार्ट हैं. जबकि अटल इनोवेशन मिशन के तहत 10 लाख छात्रों को अटल टिंकरिंग लैबोरेटरी के तहत उभारा जाएगा. साथ ही स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा के लिए इमरजेंसी बटन लगेंगे. स्कूली बच्चों को प्रकृति से जोड़ने के लिए नेचर क्लासरूम बनेंगे. स्कूलों के अंदर ही सीसीटीवी की निगरानी में मिड डे मील बनेगा.

बजट रिपोर्ट के अनुसार साल 2019-20 के लिए एनडीएमसी की अनुमानित आय तकरीबन 4172 करोड़ रुपए है, जिसमें 1676 करोड़ रूपए यानि लगभग 40 फीसदी टैक्स और यूजर चार्जेस होगा. जबकि 660 करोड़ यानी तकरीबन 16 फीसदी टैक्स के जरिए आएगा. इसके अलावा बाकी फंड लाइसेंस शुल्क ब्याज व अन्य तरीकों से एनडीएमसी जुटाएगी.



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