राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजे शुरुआत से ही कांग्रेस के पक्ष में आ रहे हैं, जिससे उत्साहित पार्टी सरकार बनाने का भरोसा जता रही है. हालांकि, लगातार बदल रहे नतीजों ने फिलहाल समीकरण बिगाड़ दिए हैं.
शुरुआती रुझानों में राजस्थान में अपने दम पर सरकार बनाती दिख रही कांग्रेस की गाड़ी बहुमत के नजदीक आकर अटक गई है. एक वक्त पार्टी बहुमत के आंकड़े 100 से काफी आगे चली गई थी, लेकिन धीरे-धीरे यह आंकड़ा घटता जा रहा है. अब सीटों की संख्या 95 पर आकर रुक गई है, जिससे तस्वीर काफी रोचक हो गई है.
कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत के लिए 100 सीटों की जरूरत है. हालांकि, पार्टी सरकार बनाने की उम्मीद जता रही है, लेकिन सत्ता की सुई फिलहाल निर्दलीयों पर टिकी नजर आ रही है. इन निर्दलीयों में कांग्रेस के बागी भी शामिल हैं.
श्री गंगानगर सीट से कांग्रेस के बागी राजकुमार गौड़, विद्याधर नगर से विक्रम सिंह, सिरोही से संयम लोढ़ा, गंगापुर सिटी से रामकेश मीणा, बस्सी से लक्ष्मी नारायण मीणा, खंडेला से महादेव सिंह और दूदू से बाबूलाल नागर आगे चल रहे हैं. यानी कांग्रेस से बगावत करके चुनाव लड़ने वाले सात प्रत्याशी बढ़त बनाए हुए हैं और अब तक के नतीजों की स्थिति में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत के लिए 5 विधायकों की जरूरत होगी.
हालांकि, दूसरी तरफ बहुजन समाज पार्टी और सीपीएम भी कांग्रेस के लिए तारणहार बन सकती है. बीएसपी के खाते में 3 सीटें जाती दिख रही हैं, जबकि सीपीएम 2 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. साथ ही 5 अन्य निर्दलीय भी आगे चल रहे हैं. ऐसे में ताजा आंकड़ों पर बात की जाए तो कांग्रेस को सत्ता के शिखर तक पहुंचने के लिए बागी या दूसरे निर्दलीयों विधायकों की आवश्यकता पड़ सकती है.
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