Skip to main content

Exclusive: 30 लाख वोट काटने का आरोप, घर-घर जाकर लिस्ट में नाम जुड़वाएगी AAP



आतिशी ने बताया कि ये 30 लाख नाम चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट पर जारी किए थे. लेकिन आम आदमी पार्टी द्वारा वोटर लिस्ट से नाम काटने का मुद्दा उठाने के बाद ये लिस्ट चुनाव आयोग की वेबसाइट से हटा दी गई है.


आम आदमी पार्टी अब घर-घर जाकर उन लोगों का वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाएगी जिनका नाम काटने का आरोप पार्टी लगा रही है. इसके लिए पार्टी ने 30 लाख फॉर्म-6 छपवाए हैं. इस फॉर्म में आम आदमी पार्टी ने उन लोगों का नाम और पता भी छपवाया है जिनका पार्टी के मुताबिक वोटर लिस्ट से नाम कट गया है.

आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता आतिशी ने सोमवार को 'आजतक' से विशेष बातचीत में बताया, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस बौखलाहट में कि वह दिल्ली की सातों लोकसभा सीट हार रही है, बड़े स्तर पर वोटर लिस्ट से नाम कटवाए हैं. अब तक 30 लाख मतदाताओं के नाम कट चुके हैं.

और पढ़ें

उन्होंने कागजों का बंडल दिखाते हुए कहा, 'हमने एक फॉर्म 6 तैयार कराया है. इस फॉर्म में उन लोगों के नाम हैं जिनका वोटर लिस्ट से नाम कट गया है. इस फॉर्म में वोटर को सिर्फ हस्ताक्षर करने हैं, आम आदमी पार्टी घर-घर ये फॉर्म लेकर जाएगी. इसका मकसद है कि जिन 30 लाख लोगों के नाम काटे गए हैं उनका नाम दोबारा सूची में शामिल किया जाए.

आतिशी ने बताया कि ये 30 लाख नाम चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट पर जारी किए थे. लेकिन आम आदमी पार्टी द्वारा वोटर लिस्ट से नाम काटने का मुद्दा उठाने के बाद ये लिस्ट चुनाव आयोग की वेबसाइट से हटा दी गई है.

उन्होंने कहा कि अब सवाल उठता है अगर चुनाव आयोग ने जांच में पारदर्शिता निभाई है तो वेबसाइट से लिस्ट क्यों हटाई गई? 30 लाख कटे हुए नाम की जानकारी हमें चुनाव आयोग की वेबसाइट से मिली थी. इस लिस्ट में खास तौर पर पूर्वांचल, मुस्लिम और अग्रवाल समाज के सदस्यों के नाम मतदाता सूची से नदारद है. उनका कहना था कि खास तौर पर बीजेपी का विरोध कर रहे वर्ग के सदस्यों का नाम मतदाता सूची से काटा गया है.

आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता ने बताया, 'जिन लोगों का नाम काटा गया है उन्हें घर घर जाकर बताएंगे कि बीजेपी ने बौखलाहट में उनका नाम काट दिया है, और फॉर्म 6 की मदद से दोबारा नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा. आम आदमी पार्टी के विधायक, कार्यकर्ता इन फॉर्म को लेकर घर घर जाएंगे.'

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...