Skip to main content

छत्तीसगढ़: CM दावेदारी लेकर दिल्ली पहुंचे नेता, आज होगा फैसला




खबर ये भी है कि छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री भले ही अभी तक तय ना हुआ हो, लेकिन शपथ की तारीख तय हो गई है. बताया जा रहा है कि 15 दिसंबर को छत्तीसगढ़ में नया मुख्यमंत्री शपथ ले सकता है.


राजस्थान के साथ-साथ आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के नाम से भी सस्पेंस हट जाएगा. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज छत्तीसगढ़ के नेताओं, पर्यवेक्षकों के साथ अलग से बैठक करेंगे. हालांकि, मध्य प्रदेश और राजस्थान की तरह ही छत्तीसगढ़ में भी मुख्यमंत्री पद को लेकर रेस चल रही है. इस रेस में टीएस सिंहदेव, प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल, चरणदास महंत और ताम्रध्वज साहू सबसे आगे हैं.

छत्तीसगढ़ के नेता दोपहर 12 बजे राहुल गांधी से मिलेंगे, पहले ये बैठक 10 बजे होनी थी. लेकिन फ्लाइट में देरी के कारण बैठक टल गई.

सूत्रों की मानें, तो राहुल गांधी छत्तीसगढ़ में प्रचंड जीत से काफी खुश हैं. उन्होंने नेताओं को इस बात के लिए बधाई भी दी है. इसके अलावा छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद के लिए कोई विवाद भी नहीं हुआ है, जिस प्रकार मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुआ. इस बात से भी राहुल काफी संतुष्ट हैं.

खबर ये भी है कि छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री भले ही अभी तक तय ना हुआ हो, लेकिन शपथ की तारीख तय हो गई है. बताया जा रहा है कि 15 दिसंबर को छत्तीसगढ़ में नया मुख्यमंत्री शपथ ले सकता है.

छत्तीसगढ़ के पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद रायपुर में ही मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान किया जाएगा. इस बीच भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव को दिल्ली बुलाया गया है. ताम्रध्वज साहू पहले से ही दिल्ली में हैं, ये तीनों भी राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे.

गुरुवार शाम को छत्तीसगढ़ में सीएम पद को लेकर राहुल गांधी के घर पर बैठक हुई थी. बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा पीएल पुनिया शामिल रहे.


2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद ताम्रध्वज साहू छत्तीसगढ़ में अपना गढ़ बचा पाए थे. दुर्ग लोकसभा से ताम्रध्वज साहू सांसद चुने गए थे और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस से इकलौते सांसद चुने गए. ताम्रध्वज को उनके सरल स्वभाव और अनुभव का फायदा मिला है.



from News BaBa https://ift.tt/2CcqiJG
via IFTTT

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...