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पांचों राज्यों में कौन सा एग्जिट पोल, किसके हक में? एक मिनट में पूरा खेल समझ जाएंगे








पांच राज्यों के एग्जिट पोल के आंकड़े अब तक आपने देख ही लिए होंगे। आप उन्हें देख-देख कर चकरा भी गए होंगे। इसलिए, आपके लिए चीजें थोड़ी आसान कर देते हैं।किसके हक में, कौन सा सर्वे?नीचे दिए कार्ड पर नजर डालेंगे तो सिर्फ एक नजर में आपको मालूम हो जाएगा कि किस राज्य में, कितने सर्वे, किस पार्टी को जीतता या हारता दिखा रहे हैं। मध्यप्रदेश में भाजपा को जहां 3 एग्जिट पोल में बढ़त दिखाई दे रही है तो वहीं कांग्रेस को 4 पोल विजेता बनता दिखा रहे हैं। यानी, मामला कांटे का है। शायद यही वजह है कि शिवराज इतनी आसानी से हथियार डालने वाले नहीं है। उन्होंने आज कह भी दिया कि सबसे बड़े सर्वेयर वही हैं।



राजस्थान में तस्वीर करीब-करीब साफ है। 5 में 4 एग्जिट पोल कांग्रेस को सत्ता में लौटता दिखा रहे हैं। ये एक तरह से, सूबे में बारी-बारी सरकार बनाने की परंपरा कायम रहने की ओर का इशारा भी है। पिछले 25 साल में एक बार कांग्रेस और एक बार भाजपा की प्रथा कायम रहने के पूरे आसार हैं।

छत्तीसगढ़ में रमन सिंह की चाह तो होगी दोबारा सरकार बनाने की लेकिन एग्जिट पोल क्या कह रहे हैं। तो कार्ड को जरा गौर से देखिए। बाजी दाएं हाथ में है तो बाएं से फिसल सी रही है। यानी, 6 सर्वे में मामला आधे-आधे पर ठहरता नजर आता है। आखिर में क्या होगा, उसके लिए करिए 11 दिसंबर तक का इंतजार।

तेलंगाना में एग्जिट पोल ने केसीआर को मुस्कुराने का मौका दे दिया है। तीन के तीन एग्जिट पोल उनकी वापसी पर मुहर लगा रहे हैं। टीआरएस से मुकाबले के लिए कांग्रेस और टीडीपी ने गठबंधन तो किया लेकिन लगता है कहीं कोई चूक रह गई इसलिए बहुमत का 60 सीट का आंकड़ा दूर की कौड़ी ही रह गया।



मिजोरम के रूप में, उत्तर-पूर्व में कांग्रेस का आखिरी किला भी ढह जाएगा, ऐसा एग्जिट पोल की तस्वीर में दिखता है। 3 पोल मिजो नेशनल फ्रंट को बढ़त दिखा रहे हैं। हालांकि, यहां जोड़-तोड़ की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता।





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