Skip to main content

विधानसभा चुनावों में हिंदुत्व के सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर बनकर उभरे योगी




ट्विटर ने सबसे ज्यादा सर्च किए और देखे गए नेताओं को लेकर अपने आंकड़े जारी किए हैं. इसमें योगी आदित्यनाथ चौथे नंबर पर हैं.
बीजेपी के फायरब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ ने जब से उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री पद संभाला है उसके बाद से उनकी लोकप्रियता में लगातार इजाफा होता आया है. सीएम योगी का पार्टी में भी लगातार कद बढ़ता जा रहा है. यहां तक कि जिस राज्य में विधानसभा के चुनाव होते हैं, वह बीजेपी के स्टार प्रचारकों में रहते हैं.

उनकी लोकप्रियता का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि ट्विटर पर वह बड़े-बड़े नेताओं को पछाड़ते नजर आ रहे हैं. ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे नेताओं की सूची अगर देखें तो योगी आदित्यनाथ बहुत तेजी से लोकप्रियता की सीढ़ियां चढ़ते जा रहे हैं. 

ट्विटर ने सबसे ज्यादा सर्च किए और देखे गए नेताओं को लेकर अपने आंकड़े जारी किए हैं. इसमें योगी आदित्यनाथ चौथे नंबर पर हैं. सीएम योगी से पहले प्रधानमंत्री मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह हैं.

चार राज्यों में 70 सभाएं

मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव में योगी बीजेपी के चुनावी कैंपेन में अहम चेहरा रहे. पांच में से चार राज्यों में अकेले योगी आदित्यनाथ ने 70 सभाएं कीं. सीएम योगी ने सबसे ज्यादा 26 चुनावी सभाएं राजस्थान में कीं. वहीं, छत्तीसगढ़ में उन्होंने 19 चुनावी सभाएं की. मध्य प्रदेश में उन्होंने 17 चुनावी सभाओं को संबोधित किया. वहीं, तेलंगाना में सीएम योगी की 8 सभाएं हुईं.

बता दें कि सीएम योगी की 70 सभाओं में ज्यादातर सभाएं ऐसी जगहों पर हुईं जो हिंदुत्व के लिहाज से बीजेपी के लिए मुफीद हो सकती थी. यानी ऐसी सीटें चुनी गईं जहां पर हिंदुत्व, मंदिर, भगवा एक मुद्दे के तौर पर था और यहां पर मुसलमानों की आबादी ज्यादा थी.

इससे पहले योगी आदित्यनाथ ने कर्नाटक और गुजरातविधानसभा चुनाव में भी कई सभाओं को संबोधित किया. आंकड़ों के मुताबिक गुजरात की 35 में से 26 सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की जहां पर योगी ने सभाएं की. कर्नाटक में भी योगी की सभाओं और सीट की जीत का अनुपात दूसरे नेताओं से बेहतर रहा.

योगी आदित्यनाथ की मांग बतौर स्टार कैंपेनर देश के सभी राज्यों से आ रही है और बीजेपी इसे भुनाने में कोई कोई कसर नहीं छोड़ रही. आप इस बात से अंदाजा से लगा सकते हैं कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रथ यात्रा के साथ-साथ योगी आदित्यनाथ की एक रथ यात्रा की मांग भी की गई है. 

योगी आदित्यनाथ का खास किस्म का भगवा पहनावा, कानों में कुण्डलधारी और देशभर में गोरखनाथ पीठ से जुड़े उनके भक्त उन्हें खास बनाते हैं. गोरखनाथ पीठ की शाखाएं देश भर में फैली है और यही वजह है कि पूरे देश में योगी आदित्यनाथ की पहचान फायर ब्रांड लीडर के अलावा हिंदुत्व के पोस्टर ब्वॉय की बन गई है.

पार्टी प्रवक्ता डॉ चंद्रमोहन के मुताबिक कर्नाटक और गुजरात के चुनाव के बाद योगी आदित्यनाथ की मांग और बढ़ी है. पार्टी के साथ-साथ प्रत्याशी भी योगी  की सभाएं मांगने लगे हैं. ये सीएम की बढ़ती लोकप्रियता ही है कि विपक्ष उन पर उतना ही हमलावर है जितना बीजेपी के दूसरे बड़े नेताओं पर है.



from News BaBa https://ift.tt/2E71p3t
via IFTTT

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...