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बीजेपी या कांग्रेस किसका खेल बिगड़ेगी बेनीवाल की रैलियों में उमड़ी भीड़





वसुंधरा राजे लोगों को आगाह कर रही हैं कि हनुमान बेनीवाल कांग्रेस की बी टीम हैं. वहीं बेनीवाल कह रहे हैं कि वह राजस्थान के किंगमेकर हैं.





राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी इन्हीं दो दलों का चारों तरफ जिक्र हो रहा है. मगर तीसरे मोर्चे के नेता राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल की सभाओं में काफी भीड़ दिख रही. बाड़मेर में वसुंधरा राजे की दो सभाएं तो हनुमान बेनीवाल की 7  सभाएं एक ही दिन हुईं. लेकिन वसुंधरा राजे की तुलना में बेनीवाल की सभा में ज्यादा भीड़ जुटने का दावा किया गया.

हेलीकॉप्टर पर सवार होकर प्रचार के लिए निकले हनुमान बेनीवाल ने शुक्रवार को बाड़मेर के शिव, सिवाना, बायतु और चोहटन में 7 रैलियां की. वसुंधरा राजे ने शिव और चोहटन में दो रैलियां कीं. जिस तरह से बाड़मेर में बड़ी संख्या में लोग बेनीवाल को सुनने-देखने आ रहे हैं, उससे माना जा रहा है कि बेनीवाल बाड़मेर के इलाके में बीजेपी का खेल बिगाड़ सकते हैं.

सियासी समीकरण कहते हैं कि जसवंत सिंह और मानवेंद्र सिंह की वजह से राजपूत पहले से ही कांग्रेस की तरफ आ गए हैं. अगर जाट वोट बैंक हनुमान बेनीवाल के साथ चला जाता है तो बीजेपी को बड़ा नुकसान हो सकता है. बेनीवाल की सभा में शुक्रवार की भीड़ देखकर बीजेपी घबराई हुई है. हनुमान बेनीवाल राजस्थान में 57 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं.

वसुंधरा राजे लोगों को आगाह कर रही हैं कि हनुमान बेनीवाल कांग्रेस की बी टीम हैं. वहीं बेनीवाल कह रहे हैं कि वह राजस्थान के किंगमेकर हैं. उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में बीकानेर ने राज्य में 3 लाख करोड़ का मुनाफा सरकार को दिया है. लेकिन कांग्रेस और बीजेपी ने बाड़मेर के लिए कुछ भी नहीं किया है. बाड़मेर की सभी सीटें त्रिकोणीय संघर्ष में फंसी हुई हैं.

हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बाड़मेर को छोड़ दूसरी जगह बेनीवाल कांग्रेस को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जहां पर जाट कांग्रेस के साथ हैं. बेनीवाल के साथ जाट जाति के वोट हैं, इसे लेकर कांग्रेस भी आरोप लगा रही है कि हनुमान बेनीवाल बीजेपी की बी टीम है.

हनुमान बेनीवाल का कहना है कि उनके बिना सरकार नहीं बनेगी. माना जा रहा है जिस तरह से राजस्थान में कांग्रेस और बीजेपी में कांटे की टक्कर देख रही है उसमें तीसरे दल के विधायकों की चांदी रहेगी और 2008 की तर्ज पर सभी निर्दलीय विधायक मंत्री पद पा सकते हैं.

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