Skip to main content

Rajasthan Election 2018: बीजेपी ने जारी की पहली लिस्ट, देखें 131 प्रत्याशियों की सूची  


1.सादुलशहर- गुरवीर सिंह बरार
2.सूरतगढ़- रामप्रताप कासनिया
3.रायसिंह नगर (एससी)- बलवीर लूथरा
4.हनुमानगढ़ - डॉ.रामप्रताप
5.पीलीबंगा (एससी)- धर्मेन्द्र मोची
6.नोहर- अभिषेक मटोरिया
7.भादरा- संजीव कुमार बेनीवाल
8.खाजूवाला (एससी)- डॉ.विश्वनाथ मेघवाल
9.बीकानेर पूर्व- सुश्री सिद्धिकुमारी
10.कोलायत- पूनम कंवर
11.लूणकरणसर- सुमित गोदारा
12.सादुलपुर- रामसिंह कस्वां
13.चूरू- राजेन्द्र राठौड़
14.पिलानी (एससी)- कैलाश मेघवाल
15.सूरजगढ़- सुभाष पूनिया
16.मंडावा- नरेन्द्र कुमार
17.उदयपुरवाटी- शुभकरण चौधरी
18.खेतड़ी- धर्मपाल गुर्जर
19.धोंद (एससी)- गोवर्धन वर्मा
20. दाता रामगढ़- हरिशचंद्र कुमावत
21. खंडेला बंशीधर खंडेला
22. नीम का थाना प्रेमसिंह बाजोर
23. श्रीमाधोपुर झाबर सिंह खर्रा
24. विराट नगर डॉक्टर फूलचंद भिंडा
25. शाहपुरा राव राजेन्द्र सिंह
26. चौमू रामलाल शर्मा
27. फुलेरा निर्मल कुमावत
28. आमेर सतीश पुनिया
29. हवा महल सुरेन्द्र पारीक
30. विद्याधर नगर नरपत सिंह राजवी
31. सिविल लाइन अरुण चतुर्वेदी
32. किशनपोल मोहन लाल गुप्ता
33. आदर्श नगर अशोक परनामी
34. किशनगढ़ बास रामहेत सिंह यादव
35. मुंडावर मंजीत चौधरी
36. अलवर शहर संजय शर्मा
37. नगर अनिता सिंह गुर्जर
38. डीग कुम्हेर डॉक्टर शैलेष सिंह
39. भरतपुर - विजय बंसल
40. नदबई - कृष्णेन्द्र कौर दीपा
41. वैर (एसी)- रामस्वरूप कोली
42. बयाना (एसी)- रितु बनावत
43. बाड़ी - जसवंत गुर्जर
44. धौलपुर - शोभारानी कुशवाह
45. सपोटरा (एसटी)- गोलमा देवी मीणा
46. लालसोट (एसटी) -रामविलास मीणा
47. बामनवास (एसटी) - राजेन्द्र मीणा
48. खंडार (एससी) - जितेन्द्र गोठवाल
49. मालपुरा - कन्हैयालाल चौधरी
50. टोंक - अजीत सिंह मेहता
51. देवली उनियारा- राजेन्द्र गुर्जर
52. किशनगढ़- विकास चौधरी
53. पुष्कर- सुरेश सिंह रावत
54. अजमेर उत्तर- वासुदेव देवनानी
55. अजमेर दक्षिण (एससी)- अनीता भदेल
56. नसीराबाद- रामस्वरूप लांबा
57. ब्यावर- शंकर सिंह रावत
58. मसूदा- सुशील कंवर पलाड़ा
59. लाडऩू- मनोहर सिंह
60. जायल (एससी)- मंजू बाघमार
61. नागौर- मोहन राम चौधरी
62. मेड़ता (एससी)- भंवराराम रिठारिया
63. डेगाना- अजय सिंह किलक
64. परवतसर- मानसिंह किणसरिया
65. नावां- विजय सिंह चौधरी
66. जैतारण- अविनाश गहलोत
67. सोजत (एससी)- शोभा चौहान
68. पाली- ज्ञानचंद पारख
69. मारवाड़ जंक्शन- केसाराम चौधरी
70. बाली- पुष्पेन्द्र सिंह राणावत
71. फलौदी- पव्वाराम विश्रोई
72. लोहावट- गजेन्द्र सिंह खींवसर
73. शेरगढ़- बाबूसिंह राठौड़
74. ओसियां- भैराराम चौधरी
75. भोपालगढ़ (एससी)- कमसा मेघवाल
76- सरदारपुरा- शंभूसिंह खेतासर
77- जोधपुर- अतुल भंसाली
78- सूरसागर- सूर्यकांता व्यास
79. लूणी- जोगाराम पटेल
80. बिलाड़ा- अर्जुनलाल गर्ग
81. बाड़मेर - कर्नल सोनाराम
82. बायतू - कैलाश चौधरी
83. पचपदरा - अमराराम चौधरी
84. सिवाना - हमीर सिंह भायल
85. गुड़ा मलानी - लादूराम विश्नोई
86. आहोर - छगन सिंह राजपुरोहित
87. जालोर(एसी) - जोगेश्वर गर्ग
88. भीनमाल - पूराराम चौधरी
89. सांचोर - दानाराम चौधरी
90. रानीवाड़ा- नारायण सिंह देवल
91. सिरोही- ओटाराम देवासी
92. पिण्डवाड़ा-आबू (एसटी)- समाराम गरासिया
93. रेवदर (एससी)- जगसीराम कोली
94. गोगुन्दा (एसटी)- प्रभात लाल गमेती
95. झाड़ोल (एसटी)- बाबूलाल खराड़ी
96. खैरवाड़ा (एसटी)- शंकरलाल खराड़ी
97. उदयपुर ग्रामीण (एसटी)- फूलसिंह मीणा
98. उदयपुर- गुलाबचंद कटारिया
99. मावली- धर्मनारायण जोशी
100. सलूबर (एसटी)--- अमृतलाल मीणा
101. धरियावद (एसटी)--- गौतमलाल मीणा
102. डूंगरपुर (एसटी)--- माधवलाल वराहत
103. आसपुर (एसटी)--- गोपीचंद मीणा
104. सागवाड़ा (एसटी)--- शंकरलाल डेचा
105. चौरासी (एसटी)--- सुशील कटारा
106. घाटोल (एसटी)--- हरेन्द्र निनामा
107. बागीदोरा (एसटी)--- खेमराज गरासिया
108. कुशलगढ़ (एसटी)--- भीमाभाई डामोर
109. बेगूं ---सुरेश धाकड़
110. चित्तौडगढ़़--- चंद्रभान सिंह
111. निम्बाहेड़ा ---श्रीचंद कृपलानी
112. बड़ी सादड़ी ---ललित ओसवाल
113. प्रतापगढ़ (एसटी)--- हेमंत मीणा
114. भीम ---हरि सिंह रावत
115. कुम्भलगढ़--- सुरेंद्र सिंह राठौड़
116. राजसमंद--- किरण माहेश्वरी
117. मांडल--- कालूलाल गुर्जर
118. सहाड़ा--- रूपलाल जाट
119. भीलवाड़ा--- वि_ल शंकर अवस्थी
120. शाहपुरा (एससी) ---कैलाश चंद्र मेघवाल
121. बूंदी ---अशोक डोगरा
122. सांगोद ---हीरालाल नागर
123. कोटा उत्तर ---प्रह्लाद
124. कोटा दक्षिण ---संदीप शर्मा
125. रामगंज मंडी (एससी)--- मदन दिलावर
126. अंता---प्रभुलाल सैनी
127. किशनगंज (एसटी) ---ललित मीणा
128. छबड़ा--- प्रताप सिंह सिंघवी
129. झालरापाटन ---वसुंधरा राजे
130. खानपुर ---नरे

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...