Skip to main content

MP चुनाव: मतदाताओं को रिझाने के लिए जूते पालिश कर रहे नेता जी










मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है और अंतिम समय में पार्टी के नेता मतदाताओं को रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. एमपी के चुनाव में ताल ठोक रहे एक क्षेत्रीय दल राष्ट्रीय आमजन पार्टी के महासचिव अपने प्रत्याशी के लिए मतदाताओं के जूते पालिश कर रहे हैं और प्रत्याशी के लिए वोट मांग रहे हैं.

एमपी के छिंदवाड़ा के इंदिरा तिराहा पर पहुंचे राष्ट्रीय आमजन पार्टी के महासचिव एमपी विश्वकर्मा अपनी प्रत्याशी दीपमाला नाथ को जिताने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं. दीपमाला नाथ को चुनाव आयोग की ओर से जूता चुनाव चिन्ह मिला है. एमपी विश्वकर्मा अपने कैंडिडेट को मिले इस चुनाव चिन्ह को खूब भूना रहे हैं. एमपी विश्वकर्मा मतदाताओं का जूता पालिश कर रहे हैं और वोट मांग रहे हैं.







मतदाता भी उनकी इस पहल से काफी प्रभावित हैं. वोटरों का कहना है उन्होंने पहले ऐसा कोई प्रत्याशी नहीं देखा जिसके नेता को जूता पालिश करने में कोई शर्म आ रही हो. कुछ मतदाताओं का कहना है कि ये नेता बड़ा से बड़ा काम कर सकते हैं. एक वोटर ने कहा कि लोग परिवर्तन चाहते हैं, हम इनको ही वोट देंगे.

वहीं जूता पालिश कर रहे राष्ट्रीय आमजन पार्टी के महासचिव एमपी विश्वकर्मा का कहना है कि देश में भ्रष्टाचार सीबीआई तक पहुच गया है. उन्होंने कहा कि हमने एक अभियान छेड़ा है, और इसका नारा दिया है, 'जो करता है भ्रष्टाचार उसको मारो जूते चार.' उन्होंने कहा कि इसी को देखते हुए उन्होंने निशुल्क जूता पालिश करने का फैसला किया है.

आमजन पार्टी की प्रत्याशी दीपमाला नाथ का कहना है की लोग परिवर्तन चाहते हैं. उन्होंने कहा, "मैं दीपमाला नाथ हूं और कमलनाथ बाहर के नाथ हैं, आपने उन्हें मौका दिया एक बार मुझे मौका दीजिए." मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को मतदान है. नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे.

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...