Skip to main content

MP में प्रचार का आखिरी दिन, शाह समेत आज ये नेता झोकेंगे ताकत









मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार का सोमवार को आखिरी दिन है. शाम पांच बजे चुनाव प्रचार थम जाएगा. इस दिन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समेत दिग्गज नेता उतर रहे हैं. वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ अपने इलाके छिंदवाड़ा में ताकत झोकेंगे. मध्य प्रदेश के मतदाता  28 नवंबर को बुधवार को बटन दबाकर नेताओं के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद करेंगे.

इस आखिरी दौर में कांग्रेस और बीजेपी सहित सभी पार्टियां अपना पूरा दमखम दिखाने की कोशिश में है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मध्य प्रदेश के धार में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे. इसके बाद वो इंदौर में रोड शो के जरिए माहौल बनाने के लिए उतरेंगे. बीजेपी अध्यक्ष धार जिले के कुक्षी पहुंचकर जनसभा को संबोधित करेंगे. इसके बाद वो वापस इंदौर आएंगे, यहां वो रोड शो करके माहौल बनाने की कोशिश करेंगे. इसके बाद इंदौर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे.

मध्य प्रदेश में बीजेपी का चेहरा और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चुनाव प्रचार के आखिरी दिन तूफानी दौरा कर रहे हैं. वे पहली रैली मलहरा और इसके बाद निवारी, बिना, सिरोज, चचुरा, शमशाबाद, बैरसिया, इछ्वार और आखिरी में भोपाल के कोलरा हुजुर में जनसभा को संबोधित करेंगे.

मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार के आखिरी दिन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह भी उतर रहे हैं. वो बालाघाट, मांडला और शहडोल में रैली को संबोधित करेंगे. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सतना और छतरपुर में रैली करेंगी. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी इंदौर में रैली करेंगे. भोजपुर फिल्म अभिनेता और बीजेपी रवि किशन अशोकनगर और भिंड में रैली करेंगे. जबकि दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी जबलपुर और धार में रैली को संबोधित करेंगे.

वहीं, कांग्रेस के मध्य प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ चुनाव प्रचार के आखिरी दिन अपने संसदीय क्षेत्र छिंदवाड़ा में पूरी ताकत झोकेंगे. वो पहली रैली सिंगोरी, हर्राई, छिंदी, मरदोनगरी, दमुआ और जमुई में जनसभा करेंगे. जबकि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बिजवार, महाराजपुर और चानला में रैली को संबोधित करेंगे.

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...