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JNU में कंडोम गिनने वाले ज्ञानदेव का 'ज्ञान' नहीं आया काम, BJP ने काटा टिकट










राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपने 31 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी. इस सूची में बीजेपी ने 15 विधायक और 3 मंत्रियों के टिकट काटकर नए चेहरों को मैदान में उतारा है. बीजेपी ने जिन विधायकों और मंत्रियों के टिकट काटे हैं, उनमें अपने बयानों को लेकर विवादों में रहने वाले ज्ञानदेव आहूजासमेत धनसिंह रावत और राजकुमार रिणवा समेत अन्य शामिल हैं.

ज्ञानदेव का 'ज्ञान' नहीं आया काम, BJP ने काटा टिकट

बीजेपी विधायक ज्ञानदेव आहूजा वही हैं, जिन्होंने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में रोज 3000 कंडोम मिलने का दावा किया था. साल 2016 में विवादित बयान देते हुए आहुजा ने कहा था कि जेएनयू में रोजाना 50 हजार हड्डी के टुकड़े, 3 हजार इस्तेमाल किए हुए कंडोम और 500 इस्तेमाल किए हुए अबॉर्शन इंजेक्शन मिलते हैं. उन्होंने जेएनयू में हर रोज 10 हजार सिगरेट के बट मिलने और छात्रों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में 'नेकेड डांस' करने का भी आरोप लगाया था.

बीजेपी को हिंदुओं की पार्टी बताने वाले मंत्री का भी टिकट कटा

राजस्थान सरकार में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राज्यमंत्री धनसिंह रावत का हमेशा से ही विवादों से नाता रहा है. वे अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहे हैं. हाल ही में धनसिंह रावत ने बांसवाड़ा की सभा में कांग्रेस को मुसलमानों और भाजपा को हिन्दुओं की पार्टी बताया था. इस दौरान उन्होंने हिन्दुओं से सनातन धर्म की रक्षा के लिए भाजपा के समर्थन में प्रचंड मतदान करने की अपील की थी.

इससे पहले पिछले साल नवंबर में उन्होंने बांसवाड़ा में अधिकारियों को मुर्गा बनाने का विवादित बयान दिया था. इसके अलावा उन्होंने जिला परिषद की साधारण बैठक में विकास अधिकारियों के लिए कहा था कि ये अरबी घोड़े हैं, इनको चाबुक मारो.

हाल ही में एक वीडियो सामने आया था, जिसमें रावत का बेटा सड़क में एक कार चालक को पीटते दिखा था.

राजस्थान सरकार में खाद्य मंत्री बाबूलाल वर्मा से भी बीजेपी नाराज चल रही थी. हाल ही में उन्होंने कहा था कि अब मोदी लहर नहीं हैं. लिहाजा चुनाव जीतना आसान नहीं है. वर्मा पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने का भी आरोप है.

मंत्री रिणवा ने दिया था अजीबोगरीब बयान

वसुंधरा राजे सरकार में मंत्री राजकुमार रिणवा ने हाल ही में पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि पर विवादित बयान दिया था. रिणवा ने कहा था कि बाढ़ आ रही है, उसमें पैसे नहीं लगते हैं क्या? उन्होंने यह भी कहा था कि पेट्रोल की कीमतों में तेजी तो सबको दिख रही है, लेकिन बाढ़ के खर्चे नहीं दिख रहे हैं.

इस दौरान रिणवा ने भारतीयों के चरित्र पर भी उंगली उठाई थी. उन्होंने कहा था, 'यहां नेशनल कैरेक्टर नाम की कोई चीज ही नहीं है. दूसरे देशों में प्राकृतिक आपदा आने या पेट्रोल की कीमतें बढ़ने पर खर्चे कम कर देते हैं, लेकिन हमारे यहां तो ऐसा कुछ भी नहीं है.'

इन तीन मंत्रियों के कटे टिकट

बता दें कि बीजेपी की दूसरी सूची से जिन मंत्रियों के नाम गायब हैं, उनमें मंत्री राजकुमार रिणवा, मंत्री बाबूलाल वर्मा और मंत्री धन सिंह रावत शामिल हैं. देवस्थान मंत्री राजकुमार रिणवा चुरू जिले की रतनगढ़ सीट से विधायक हैं, लेकिन इस बार उनका टिकट काटकर अभिनेष महर्षि को उतारा गया है.

गौरतलब है कि मंत्री बाबूलाल वर्मा बूंदी के केशवरायपाटन से विधायक हैं. इनकी जगह कोटा से रामगंज मंडी से विधायक चंद्रकांता मेघवाल को टिकट दिया गया है. इसके अलावा मंत्री धनसिंह रावत बांसवाड़ा से बीजेपी विधायक हैं. हालांकि इस बार इन तीनों को बीजेपी ने टिकट नहीं दिया है.

इन 15 विधायकों के कटे टिकट

बीजेपी की दूसरी सूची में वर्तमान मंत्रियों के साथ जिन विधायकों के टिकट कटे हैं, उनमें सबसे चर्चित नाम अलवर जिले के रामगढ़ से विधायक ज्ञानदेव आहूजा का है.

आहूजा के अलावा किशनाराम नाई विधायक डूंगरगढ़, लक्ष्मीनारायण बैरवा विधायक चाकसू, आरसी सुनेरीवाल विधायक डग, जीतमल खांट विधायक गढ़ी, रानी कोली विधायक बसेड़ी, शैतान सिंह विधायक पोकरण, तरुण राय कागा विधायक चौहटन, छोटू सिंह भाटी विधायक जैसलमेर, कृष्ण कड़वा विधायक संगरिया, गीता वर्मा विधायक सिकराय, राजकुमारी जाटव विधायक हिण्डौन, मंगला राम विधायक कठूमर, रानी सिलोटिया विधायक बसेड़ी और शिमला बावरी विधायक अनूपगढ़ शामिल हैं.

खास बात यह है कि बीजेपी की दूसरी सूची में भी किसी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया गया है. वहीं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी और सरकार में नंबर दो यूनुस खान का नाम 

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