Skip to main content

राजस्थानः कांग्रेस का घोषणापत्र, बुजुर्ग किसानों को घर बैठे पेंशन










राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने गुरुवार को अपना घोषणापत्र जारी कर दिया. जयपुर के प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में जारी किए गए घोषणा पत्र में कई लुभावने वादे किए गए हैं जिसमें लड़कियों को मुफ्त शिक्षा देने और बुजुर्ग किसानों को घर बैठे पेंशन दिया जाने का वादा किया है.

कांग्रेस ने घोषणा पत्र में राजस्थान से वादा किया है कि उसकी सरकार आने पर किसानों का कर्ज माफ करेगी. साथ ही कृषि उपकरणों को जीएसटी से बाहर किया जाएगा. इसके अलावा बुजुर्ग किसानों को घर बैठे पेंशन की सुविधा भी दी जाएगी. घोषणा पत्र में गोचर भूमि बोर्ड बनाने का प्रावधान किया जाएगा.

घोषणा पत्र में वादा किया गया है कि हर व्यक्ति को मुफ्त में स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जाएगी. इसके लिए राइट टू हेल्थ कानून लाया जाएगा.

अशोक गहलोत के साथ घोषणापत्र जारी करते हुए सचिन पायलट ने कांग्रेस की ओर से कई बड़े ऐलान करते हुए कहा कि किसानों और युवाओं के लिए अलग से आयोग बनेगा. किसानों के लिए खेती से जुड़े उपकरणों को जीएसटी से बाहर रखा जाएगा. साथ ही सरकारी भूमि जो कि गांव में गोचर भूमि कहलाती है, इसके लिए राजस्थान में एक बड़ा विवाद रात बना रहता है उसके लिए भी अलग से गोचर भूमि बोर्ड बनाया जाएगा.

बीजेपी से कम बेरोजगारी भत्ता

इस घोषणा पत्र में बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने के लिए साढे़ तीन हजार रुपए महीना ही रखा गया है जबकि बीजेपी ने ₹5000 प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया है. इसके साथ ही कांग्रेस ने कहा कि पत्रकारों को दबाने के लिए बीजेपी सरकार ने काला कानून लेकर आई थी लेकिन हम पत्रकारों के जर्नलिस्ट प्रोटेक्शन एक्ट अलग से बनाएंगे.

साथ ही रोजगार के लिए सेवाओं और गरीबों को घर बनाने के लिए सस्ता लोन मुहैया कराई जाएगी.लड़कियों को शिक्षित करने के लिए पूरी महिला शिक्षा को मुफ्त किया जाएगा.

रोजगार देने के मामले में कांग्रेस ने घोषणा पत्र में कहा है कि राज्य के ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार दिया जाएगा. रोजगार के लिए कम दर पर ऋण की व्यवस्था की जाएगी. साथ ही परीक्षार्थियों को परीक्षा सेंटर तक की मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी. असंगठित मजदूरों और किसानों के लिए कल्याण बोर्ड बनाया जाएगा.

कांग्रेस का कहना है कि हमने घोषणा पत्र बनाने के लिए पूरे राजस्थान से करीब 2 लाख लोगों के सुझाव लिए हैं साथ ही घोषणा पत्र जारी करने के लिए सभी संभागों पर नेताओं को भेजा जा रहा है.

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...