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मध्य प्रदेश: कांग्रेस-बीजेपी के बागियों से सपा-बसपा को मिली ताकत







मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी बीजेपी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बागियों के मैदान में उतरने से दोनों दलों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. वहीं, इन बागियों के जरिए सपा-बसपा मध्य प्रदेश में अपनी सियासी ताकत बढ़ाने में जुटी हैं.

मध्य प्रदेश की कुल 230 सीटों में से 30 से अधिक सीटों कांग्रेस-बीजेपी के बागी नेता मैदान में है. सियासी मैदान में शुरुआत से शांत दिख रही बसपा-सपा ने आखिरी समय में ऐसे खेल किया कि कांग्रेस-बीजेपी दोनों के कई सीटों पर राजनीतिक समीकरण बिगड़ते नजर आ रहे हैं.

सपा-बसपा ने बीजेपी-कांग्रेस के दमदार बागियों को सियासी मैदान में उतारकर दोनों ही पार्टियां छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों की ज्यादातर सीटों पर मुख्य मुकाबले में आ गई हैं.

राजनगर सीट- कांग्रेस के बागी से सपा मजबूत

बुदेलखंड के छतरपुर जिले की  राजनगर सीट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी के बेटे नितिन चतुर्वेदी को पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो उन्होंने सपा का दामन थाम लिया है. सपा ने नितिन चतुर्वेदी को टिकट देकर अपने आपको मुकाबले में ले आई है. नितिन चतुर्वेदी का सीधा मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी और  विक्रम सिंह से बताया जा रहा है. सत्यव्रत बेटे को जिताने के लिए जी जान से जुटे हैं.

बिजावर सीट पर राजेश शुक्ला सपा

छतरपुर जिले की बिजावर सीट पर भी ऐसा ही हाल है. बिजावर सीट पर बतौर कांग्रेस प्रत्याशी दो बार चुनाव हार चुके राजेश शुक्ला का टिकट काटकर कांग्रेस ने शंकर प्रताप सिंह बुंदेला को मैदान में उतारा है. जबकि राजेश कांग्रेस सेवादल के जिला अध्यक्ष थे. ऐसे में पार्टी से नाराज शुक्ला को सपा ने टिकट देकर मैदान में उतार दिया है, जिससे मुख्य मुकाबला सपा और कांग्रेस के बीच हो गया है.

महाराजपुर में बसपा

छतरपुर जिले की महाराजपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने युवा नेता नीरज दीक्षित टिकट दिया है. इससे कांग्रेस सेवा दल के जिला अध्यक्ष राजेश महतो ने पार्टी से बगावत कर बसपा का दामन थाम लिया है. ऐसे में वे बसपा के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में है. ऐसे में यहां मुकाबला बीजेपी के मानवेंद्र सिंह, कांग्रेस के नीरज और बसपा के राजेश के बीच होता दिख रहा है.

बीजेपी के बागी सपा के साथ

छतरपुर जिले में आने वाली चंदला विधानसभा सीट पर बीजेपी से बगावत करने वाली नगर पंचायत अध्यक्ष अनित्य सिंह बागरी को सपा ने उम्मीदवार बनाया है. बीजेपी ने इस सीट पर मौजूदा विधायक आरडी प्रजापति के बेटे राजेश प्रजापति को मैदान में उतारा है.

अजय यादव हुए बागी

टीकमगढ़ की खरगापुर विधानसभा सीट से बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे राहुल सिंह को दोबारा प्रत्याशी बनाया है, जबकि वे पिछला चुनाव हार गए थे. इससे नाराज होकर पूर्व विधायक ने अजय यादव बीजेपी से बगावत कर बसपा से चुनावी मैदान में उतरे हैं.

जतारा सीट पर बीजेपी के बागी

जतारा विधानसभा सीट से बीजेपी ने पिछला चुनाव हार चुके हरिशंकर खटीक को फिर प्रत्याशी बना दिया.  बीजेपी से नाराज जिला पंचायत सदस्य अनीता खटीक सपा के टिकट लेकर मैदान में हैं. कांग्रेस ने यहां शरद यादव की पार्टी लोक जनतांत्रिक दल के उम्मीदवार विक्रम चौधरी को समर्थन दे दिया है. इससे कांग्रेस के मौजूदा विधायक दिनेश अहिरवार निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं.

सागर से कांग्रेस के बागी

सागर विधानसभा सीट से कांग्रेस से बगवात कर जगदीश यादव सपा से टिकट लेकर चुनावी मैदान में हैं. इसी तरह दमोह और पथरिया सीट से भाजपा के पूर्व मंत्री और बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रामकृष्ण कुसमारिया ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया है. वे पिछला चुनाव राजनगर से हार गए थे.

बीजेपी के कई बागी निर्दलीय मैदान में

बीजेपी के जितेंद्र डागा भोपाल के हुजूर विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी पर चुनाव लड़े रहे हैं. जबलपुर से बीजेपी के युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष धीरज पटेरिया निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में है. अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट बरघाट विधायक कमल मर्सकोले भी निर्दलीय मैदान में है. बैहर सुरक्षित सीट से बीजेपी के बागी सुधीर कुसरे निर्दलीय मैदान में हैं.

बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बनी वारासिवनी सीट से बागी गौरव पारधी निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं. यहां से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साले संजय सिंह मसानी चुनाव लड़ रहे हैं. ऐसे ही ग्वालियर की पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता ने बीजेपी से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरी हैं.





  

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