Skip to main content

राम मंदिर निर्माण पर न मोदी फैसला ले सकते हैं न योगी: मौर्य








राम मंदिर मुद्दे के गर्माने और दिवाली मनाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे के बीच यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य का बड़ा बयान सामने आया है. केशव मौर्य ने मंगलवार को कहा कि राम मंदिर का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में है इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी इसके निर्माण पर फैसला नहीं ले सकते हैं. हालांकि, केशव मौर्य ने कहा कि बीजेपी राम मंदिर के लिए प्रतिबद्ध है.

केशव मौर्य ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के अपने वादे पर हम प्रतिबद्ध हैं और अयोध्या में बाबर के नाम पर किसी भी निर्माण को होने नहीं दिया जाएगा. मौर्य ने कहा कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और बातचीत के जरिए समाधान की गुंजाइश भी बनी हुई है. जब ये विकल्प खत्म हो जाएंगे तो पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व आगे के कदम पर फैसला करेगा.

यूपी के डिप्टी सीएम बोले कि हम संतों की भावनाओं को समझते हैं. लेकिन कांग्रेस के कारण राम मंदिर के निर्माण में देरी हुई. विपक्ष के जो लोग इस मामले पर सियासत कर रहे हैं उन्हें याद होगा कि सीएम योगी ने पिछले दिवाली समारोह में अयोध्या में भव्य राम मूर्ति के निर्माण का ऐलान किया था. हमारी सरकार अयोध्या के चौमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध है.

आपको बता दें कि अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर इससे पहले भी केशव मौर्य कई बयान दे चुके हैं. अभी कुछ दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि वह अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की तारीख नहीं बता सकते हैं.

केशव मौर्य का कहना था, ''दबाव या प्रभाव की बात नहीं है...जो मामला कोर्ट में है उस पर हम कुछ नहीं कह सकते हैं...लेकिन अयोध्या में रामलला की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर जरूर बनेगा, कब बनेगा ये तिथि हम नहीं बता सकते हैं...ये हमारे हाथ में नहीं है, ये कोर्ट के हाथ में है."

गौरतलब है कि मंदिर निर्माण पर जारी चर्चा के बीच आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या में ही रहेंगे. अयोध्या में इस बार भव्य दिवाली का आयोजन किया जा रहा है.

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...