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चुरहट की चुनावी रैली में क्यों रुके अमित शाह, फिर गुजराती में क्या बोले?






बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह रविवार को मध्य प्रदेश के सीधी के चुरहट में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अचानक रुक गए और पीछे घूम गए. इसके बाद अपने एक सहयोगी से खुसफुसाते हुए गुजराती भाषण में कुछ कहा. इस घटना के बाद सभी की निगाहें अमित शाह की तरफ ठहर गईं.

दरअसल, अमित शाह ने अपना भाषण शुरू किया और चुरहट विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार शारदेन्दु तिवारी का नाम लिया और रुक गए. वो भाषण की कॉपी में बाकी विधानसभाओं और उम्मीदवारों के नाम खोजने लगे, लेकिन उनको भाषण की कॉपी में चुरहट के अलावा किसी दूसरेे विधानसभा और उम्मीदवार का नाम नहीं मिला.

अमित शाह ने जनता से कहा, 'आप सभी शारदेन्दु तिवारी का स्वागत करें. मैं उनको जिताने के लिए यहां आया हूं.' इतना बोलने के बाद अमित शाह पोडियम में रखे भाषण की कॉपी को हैरान होकर देखने लगे. इसके बाद पीछे पलटे. फिर उन्होंने भाषण की कॉपी को दिखाते हुए अपने सहयोगी से गुजराती में पूछते हैं कि चुरहट के अलावा और अन्य विधानसभा क्षेत्र के नाम गायब हैं.....आपने कुछ लिखा नहीं है?

इसके बाद उनके सहयोगी भाषण की कॉपी की ओर इशारा करते हैं. इस पर अमित शाह पूछते हैं कि बाकी विधानसभाओं के नाम कहां हैं? फिर शाह ने उनसे कहा कि वो जाएं और बाकी विधानसभा के नामों की सूची लेकर आएं. इसके बाद वो जाते हैं और एक दूसरा पन्ना लेकर आते हैं और अमित शाह को देते हैं. इस दौरान सभी लोग अमित शाह की ओर देखने लगते हैं. हालांकि अमित शाह फौरन अपना भाषण शुरू कर देते हैं.

कांग्रेस पर शाह का वार, कहा- कांग्रेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी

बता दें कि रविवार को अमित शाह चुरहट में चुनावी रैली करने पहुंचे थे. वहां चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी नहीं हैं, जो यहां पर सेनापति को चुना जाएगा. कांग्रेस नेहरू गांधी परिवार की प्राइवेट लिमिटेड है.

रविवार को मध्य प्रदेश में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चुनावी रैलियां की. इस दौरान दोनों नेताओं ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर तीखा हमला बोला. मध्य प्रदेश के चुरहट में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस के पास न कोई नेता है, न कोई नीति है और न ही कोई सिद्धांत है.

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी नहीं हैं, जो यहां पर सेनापति को चुना जाएगा. कांग्रेस नेहरू गांधी परिवार की प्राइवेट लिमिटेड पार्टी है, जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किए जाते हैं, वो भी गांधी परिवार से. किसी दूसरे को कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष नहीं बनाया जाता है.

बता दें कि कांग्रेस पार्टी ने अभी तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद के लिए किसी उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है. कांग्रेस पार्टी बिना मुख्यमंत्री चेहरे के चुनाव मैदान पर उतरी है. वहीं, लोकसभा चुनाव के लिए अभी काफी समय है, लेकिन उससे पहले राहुल गांधी खुद को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित कर चुके हैं. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने इसी को लेकर कांग्रेस और गांधी परिवार पर हमला बोला है.

मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं करने पर मोदी ने कांग्रेस पर कसा तंज

इसके अलावा पीएम मोदी ने भी मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का ऐलान नहीं करने पर तंज कसा. छिंदवाड़ा में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब तक अपना नेता तय नहीं कर पाई है, तो वो कैसे मध्य प्रदेश में किए गए विकास के वादों को पूरा करेगी.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सब नेताओं की अपनी अलग-अलग सरकार हैं. छिंदवाड़ा आओ तो यहां पर कमलनाथ सरकार, गुना-अशोकनगर जाओ तो वहां सिंधिया सरकार, रीवा जाओ तो अजय सिंह सरकार, भोपाल में जाओ तो पचौरी सरकार और झाबुआ जाओ तो वहां भूरिया सरकार.

रविवार को मध्य प्रदेश के चुरहट में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, 'बीजेपी की परंपरा है, जब हम चुनाव में जाते है, तो पलपल और पाई-पाई का हिसाब देते हैं.' उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक ऐसी ATM है, जिसमें समस्या डालने पर जवाब विकास में नहीं आता, बल्कि झूठे वादों में बाहर आता है और भाजपा विकास का ATM है.

  

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