मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार कर रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लड़ाकू विमान राफेल डील का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जिस एचएएल कंपनी के बनाए प्लेन ने करगिल युद्ध में बम गिराए थे, मोदी सरकार ने उसे ही साइड लाइन कर दिया.
यहां सागर में जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने एक बार फिर राफेल डील के बहाने मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की. उन्होंने कहा, 'करगिल युद्ध के दौरान HAL (हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड) का बनाए लड़ाकू विमान ने पाकिस्तानी सेना पर बम गिराए थे. एचएएल लड़ाकू विमान बनाना जानती है. एचएएल और फ्रांस की कंपनी दसॉ के बीच बातचीत तय हो गई थी. लेकिन चौकीदार देश का प्रधानमंत्री बन गया और उसके बाद वह (पीएम मोदी) अनिल अंबानी के साथ फ्रांस गए. इसके बाद ये हुआ कि 526 करोड़ का विमान 1600 करोड़ में खरीदा गया.'
अनिल अंबानी को बनाया पार्टनर
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी के फ्रांस दौरे के बाद एचएएल को साइडलाइन कर दिया गया और अनिल अंबानी के कंपनी को ऑफसैट पार्टनर बनाया गया. राहुल ने कहा कि अनिल अंबानी की कंपनी ने कभी विमान नहीं बनाया था, जबकि एचएएल 70 सालों से विमान बना रही थी, बावजूद इसके उसे साइडलाइन कर दिया गया.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि मोदीजी ने देश के युवाओं को हर साल दो करोड़ रोजगार देने और विदेशों से कालाधन वापस ला कर हर व्यक्ति के खाते में 15 लाख रूपये जमा कराने का वादा किया था, लेकिन पूरा नहीं किया और देशवासियों को धोखा दिया. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'मोदीजी ने मध्यप्रदेश के लोगों को धोखा दिया है. मोदीजी ने हिन्दुस्तान में एक जगह नहीं, सब जगह धोखा दिया है.'