Skip to main content

कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवारों के खिलाफ भड़काऊ भाषण दे रहे योगी







अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की गूंज के बीच भारतीय जनता पार्टी के फायरब्रांड नेता और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्थान में प्रचार की कमान संभाल ली है. भगवा वस्त्र धारण करने वाले योगी आदित्यनाथ राज्य की उन सीटों पर प्रमुखता से जनसभाएं कर रहे हैं, जहां कांग्रेस के टिकट पर मुस्लिम उम्मीदवारों को मौका दिया गया है. सोमवार को भी योगी आदित्यनाथ कुछ ऐसे ही विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचे और अली व बजरंग बली से लेकर बिरयानी और हिंदू-मुसलमान को अपने भाषण का हिस्सा बनाया.

सोमवार को प्रदेश के दौरे पर पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने सीकर के फतेहपुर में पहली सभा को संबोधित किया. योगी की रैली में जहां 'जय श्रीराम और अब न करो मंदिर में देरी' के नारों की गूंज सुनाई देती रही है. योगी ने यहां अपने भाषण में कहा कि कांग्रेस को अली मुबारक हो, हमें बजरंग बली चाहिए.

योगी के इन बयानों पर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने 'आजतक' से बातचीत में कहा कि जिस व्यक्ति ने संविधान की शपथ लेकर मुख्यमंत्री का पद संभाला है, उसे संविधान और पद की मर्यादा रखनी चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि क्या योगी आदित्यनाथ बीजेपी के एकमात्र अल्पसंख्यक उम्मीदवार यूनुस खान का प्रचार करने टोंक की सीट पर जाएंगे और उनके खिलाफ ऐसी भाषा का प्रयोग करेंगे?

फतेहपुर से हाकम खान प्रत्याशी

चुनाव प्रचार के शुरुआती दौर में योगी आदित्यनाथ ने जिस फतेहपुर सीट पर प्रचार किया, वहां से कांग्रेस के टिकट पर हाकम खान चुनाव लड़ रहे हैं. इससे पहले भंवरू खान इस सीट से कांग्रेस की तरफ से चुनाव लड़ते रहे और जीतते भी रहे. इस सीट के इतिहास पर गौर करें तो यहां से पहली बार मुस्लिम उम्मीदवार ही चुने गए थे जब कांग्रेस के टिकट पर अब्दुल गफ्फार खान ने बाजी मारी थी.

2013 में बीजेपी की लहर होने के बावजूद यहां से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नंद किशोर महरिया ने जीत दर्ज थी. हालांकि, उन्होंने बीजेपी से बागी होकर यह चुनाव लड़ा था. इससे पहले 1993 के चुनाव में बीजेपी के बनवारी लाल ने यहां से जीत दर्ज की थी, जिसके बाद 1998, 2003, 2008 में लगातार कांग्रेस उम्मीदवार ने यहां बाजी मारी. यानी यह सीट परंपरागत तौर पर कांग्रेस के खाते में रही है.

मकराना सीट पर भी पहुंचे योगी

सोमवार (26 नवंबर) को ही योगी आदित्यनाथ ने नागौर के मकराना में भी रैली की. मकराना सीट से कांग्रेस ने एक बार फिर जाकिर हुसैन को उम्मीदवार बनाया है. जाकिर इस सीट से चुनाव जीतते रहे हैं और 2013 के चुनाव में बीजेपी के श्रीराम भींचर ने उन्हें हरा दिया था. योगी ने मकराना शहर में आयोजित रैली के दौरान कांग्रेस पर विभाजन की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि बंटवारे की राजनीति का यह दुष्परिणाम है कि इस देश के अंदर आतंकवाद सिर चढ़कर बोल रहा है. योगी ने यह भी कह दिया कि जिन आतंकवादियों को कांग्रेस बिरयानी खिलाती थी हम उन्हें गोली खिला रहे हैं.

इतना ही नहीं, योगी अदित्यनाथ ने कांग्रेस पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार मुसलमानों का है. योगी ने इस बयान का जिक्र करते हुए पूछा कि अगर संसाधनों पर मुसलमानों का अधिकार है तो देश का हिन्दू कहां जाएगा?

कांग्रेस की योगी को टोंक में सभा करने की चुनौती

राजस्थान में कांग्रेस ने कुल 15 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिए हैं, इनमें से 8 उम्मीदवार वो हैं जिन्हें 2013 में हार का सामना करना पड़ा था. तीन महिला उम्मीदवार भी मैदान में हैं. जबकि बीजेपी ने मुस्लिम उम्मीदवार के नाम पर इस बार सिर्फ यूनुस खान को टिकट दिया है, जो टोंक सीट पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के खिलाफ लड़ रहे हैं.

क्या योगी आदित्यनाथ को बीजेपी ने विशेष रणनीति के तहत ऐसे विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार के लिए उतारा है, जहां से कांग्रेस के मुस्लिम चेहरे मैदान में हैं, इस सवाल पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के चुनाव सह-प्रभारी काजी निजामुद्दीन ने कहा कि बीजेपी धार्मिक भाषणों से देश को बांटने का काम करती है और योगी आदित्यनाथ के जरिए भी ऐसा ही करने की कोशिश की जा रही है. काजी निजामुद्दीन ने योगी आदित्यनाथ को टोंक आने की चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह वाकई स्टार प्रचारक हैं तो यहां भी आएं और अपने इकलौते मुस्लिम उम्मीदवार के लिए वोट की अपील करें. उन्होंने योगी आदित्यनाथ को बयानबहादुर बताया।

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...