Skip to main content

मोदी और राजे सरकार ने युवाओं के साथ किया धोखा: कांग्रेस



कांग्रेस ने रोजगार के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार और राजस्थान राज्य की वसुंधरा राजे सरकार पर निशाना साधते हुए उन पर युवाओं से विश्वासघात करने का आरोप लगाया.

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, ‘भाजपा सरकार ने नौकरियां खत्म कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो करोड़ रोजगार हर साल देने का झांसा देकर 2014 में सरकार बनाई थी. इसी प्रकार वसुंधरा राजे ने 15 लाख नौकरियां देने का वादा किया था. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री राजे ने देश और राजस्थान के युवाओं के साथ विश्वासघात किया है.’

एक सर्वे का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ‘राजस्थान में बेरोजगारी की दर, राष्ट्रीय औसत दर की तुलना में दोगुनी है. बेरोजगारी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी वाले राज्यों में राजस्थान चौथे पायदान पर है.’ सुरजेवाला ने कहा कि राज्यों के लिहाज से सबसे अधिक बेरोजगारी त्रिपुरा में है जो भाजपा शासित है. दूसरे स्थान पर जम्मू कश्मीर व हरियाणा है.

राजस्थान के युवाओं को नौकरियों की दरकार,
भाजपा ने दी ‘‘पान-पकौड़ा’’ सरकार!

न नौकरियां,न अवसर,न रोजगार,
युवाओं के भविष्य में फैलाया अंधकार!

नौकरियों के झूठे आँकड़े दे रानी ने सच्चाई छिपाई,
भाजपा की राजस्थान से होगी विदाई!
उन्होंने कहा, ‘अक्टूबर 2018 में देश में बेरोजगारी की दर 6.6 प्रतिशत रही जो बीते 20 साल में सबसे अधिक है. राजस्थान में यह दर उससे भी दोगुनी यानी 13.7 प्रतिशत है.’उन्होंने कहा कि रोजगार को लेकर सरकार का फर्जीवाड़ा कैग की रपट में पकड़ा गया.
सुरजेवाला ने कहा, ‘नौकरी के नकली आंकड़े देकर मुख्यमंत्री जी बेरोजगारों के साथ क्रूर मजाक कर रही हैं. अपनी असफलता को छिपाने के लिए आंकड़ों की झूठी कारीगरी में जुटी है. पिछले पांच साल में 1.50 लाख लोगों को सरकारी नौकरी मिली. इनमें से 1.10 लाख नौकरियों के इश्तहार कांग्रेस की पिछली सरकार ने दिए थे. इसे कम कर दिया जाए तो सिर्फ 40000 का आंकड़ा बचता है.’

  

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...