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कन्फ्यूज है कांग्रेस, राहुल गांधी को कैसे करें प्रोजेक्ट: सुषमा




विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी बड़ी दुविधा में है कि वह राहुल गांधी को किस रूप में जनता के सामने पेश करे. कभी वे मंदिर जाते हैं, कभी मानसरोवर और कभी खुद को जनेऊधारी ब्राह्मण कहते हैं. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में किसी तरह की सत्ता विरोधी लहर नहीं है. सत्ता विरोधी लहर तब होती, जब सामने कोई आकर्षक नेतृत्व होता है.

सुषमा ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी दुविधा में है कि राहुल गांधी को किस रूप में प्रोजेक्ट करे. भारत में हिन्दू बहुसंख्यक हैं, इसलिए वह मंदिर में जाने लगे. शिवभक्त की छवि स्थापित करने कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए. खुद को जनेऊधारी ब्राहम्ण कहने लगे और जब लगा कि ऐसा करने से दूसरे वर्ग का वोट प्रभावित होगा तो आरएसएस पर हमला बोलने लगे. उन्होंने कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस की ऐसी स्थिति पहले नहीं थी.

विदेश मंत्री और बीजेपी की वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि 10-15 साल में जनता का मोह भंग हो जाये. मोहभंग तब होता जब नेतृत्व में खोट आ जाये या नीतियां जनविरोधी हो जायें या फिर घोषणाओं का क्रियान्वयन नहीं हो. इस कसौटी पर अगर देखें तो हम पाते हैं कि मध्य प्रदेश सरकार और केन्द्र सरकार के पास स्पष्ट नीति व नेतृत्व है.

स्वराज ने दावा किया कि प्रदेश में चौथी बार बीजेपी की सरकार बनेगी और वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में भी हमारी ही सरकार बनेगी. उन्होंने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि कभी वह जनेऊधारी पंडित बन जाते हैं तो कभी आस्थावान ब्राह्मण बन जाते हैं. उन्हें रूप बदलने की कोई जरूरत नहीं है. भारत सर्व धर्म सद्भाव वाला देश है, इस देश ने सभी वर्ग के लोगों को शीर्ष पद पर बैठाया है.

सुषमा ने कहा कि संविधान में सर्वोच्च पद राष्ट्रपति का होता है. इस पद पर दलित, ब्राह्मण, मुस्लिम व सिख सभी समुदायों के लोग बैठे हैं. इसी प्रकार सीजेआई व सेना अध्यक्ष भी इन वर्ग के रह चुके हैं. हमारे प्रधानमंत्री का नारा है ‘सबका साथ सबका विकास’’, इसलिए वह देश के सवा करोड़ भारतीयों की बात करते हैं.

विदेश मंत्री ने कहा कि राफेल कोई मुद्दा नहीं है, इसे जबरदस्ती मुद्दा बनाया जा रहा है. राम मंदिर के संबंध में उन्होंने कहा कि यह आस्था का मामला है और चुनावी मुद्दा नहीं है.

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