Skip to main content

अयोध्या में दशरथ के नाम पर मेडिकल कॉलेज, एयरपोर्ट 'राजा राम'




दिवाली मेले पर अयोध्या पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन बड़ी घोषणाएं कीं. योगी ने ऐलान किया कि अब फैजाबाद का नाम अयोध्या होगा. यहां पर जो मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है उसका नाम राजा दशरथ के नाम पर रखा जाएगा. तीसरा अयोध्या में बनने वाले एयरपोर्ट का नाम भगवान के नाम पर होगा. उन्होंने दावा किया कि अयोध्या में विकास के कई काम कराए गए हैं और अब कोई भी अयोध्या के साथ अन्याय नहीं कर सकता.

हालांकि उम्मीद की जा रही थी कि योगी इस अवसर पर कोई बड़ी घोषणा करेंगे. जनमानस से आवाज भी आ रही थी योगी जी ऐलान करो, मंदिर का निर्माण करो. लेकिन योगी ने विकास की तमाम बातों के साथ ही अपनी बात समाप्त कर दी.  

योगी ने कहा कि एक वर्ष के बाद हम लोग फिर से भगवान राम की जन्मभूमि पर नए संकल्प के साथ आए हैं. दीपोत्सव को पीएम नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ और कई देशों के लोग यहां आए हुए हैं. उन्होंने कहा कि अयोध्या हमारी आन बान और शान का प्रतीक है. अयोध्या की पहचान भगवान राम से है. फैजाबाद का नाम अयोध्या हुआ. उन्होंने बताया कि राम जानकी विवाह के कार्यक्रम में वह खुद नेपाल जा रहे हैं.

अयोध्या को कोई हक से वंचित नहीं कर सकता

योगी ने कहा कि आपको आश्वस्त करने आए हैं कि अयोध्या के हक से कोई वंचित नहीं कर सकता है. उन्होंने दावा किया कि नंगे तारों को अंडरग्राउंड करवाया गया. अयोध्या की सड़कों को चौड़ा किया गया. संतों की मांग पर नमामि गंगे के तहत गंदे नालों को सरयू में गिरने से रोका गया. हर की पैड़ी की तरह राम की पैड़ी को भी बनाया जाएगा. अयोध्या में बन रहे मेडिकल कॉलेज का नाम राजा दशरथ पर होगा. एयरोपोर्ट का नाम राम पर होगा.

मोदी सरकार की तुलना राम राज्य से की

योगी ने कहा कि राम के 14 साल वनवास के लौटने के उपलक्ष्य में हम लोग दिवाली मनाते हैं. मोदी के राज्य में 86000 करोड़ रुपये गरीबों के खाते में आए जनधन योजना के तहत जिनके खाते खोले गए. 8 करोड़ परिवारों को निशुल्क रसोई कनेक्शन बांटे गए. 4 करोड़ परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए गए. 8 करोड़ लोगों को घर दिए गए. 12 करोड़ परिवारों को एक-एक शौचालय दिए. 50 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत का लाभ दिया गया. यह राम राज्य नहीं तो क्या है.

  

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...