Skip to main content

सीपी जोशी बोले- क्या है मोदी- उमा की जाति? केवल ब्राह्मण ही बोल सकता है धर्म पर








कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी जोशी ने जाति और धर्म को लेकर विवादित बयान दिया है. जोशी ने नाथद्वारा में गुरुवार को एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ब्राह्मण ही धर्म के बारे में बोल सकता है. उन्होंने पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्री उमा भारती की जाति पर सवाल खड़े किए.

सीपी जोशी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा, आपको पता है कि उमा भारती और पीएम मोदी किस जाति के हैं. साथ ही उन्होंने राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रहीं साध्वी ऋतंभरा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह किस जाति की हैं, यह लोग धर्म के बारे में क्या जानते हैं.

कांग्रेस बनाएगी अयोध्या में भगवान राम का मंदिर

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सीपी जोशी ने बुधवार को कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनवाएगी. जोशी ने नाथद्वारा में कहा, भारतीय जनता पार्टी चुनावी मौसम में राम मंदिर का मुद्दा उठाकर लोगों को भ्रमित कर रही है. इस मामले में कोर्ट का फैसला आने के बाद कांग्रेस भव्य मंदिर बनाएगी.

उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी चुनाव के दौरान लोगों को भ्रमित करने का कोई मौका नहीं छोड़ रही, जबकि तथ्य यह है कि यह मामला बीते चालीस साल से अदालत में है. जोशी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अपने पूरे कार्यकाल में और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार साल से अधिक समय में कुछ नहीं कर पाए. राम मंदिर दीवानी का  मामला है, इसका फैसला सुप्रीम कोर्ट करेगा.

उन्होंने जमीन का मालिकाना हक स्पष्ट हुए बिना ही अध्यादेश के जरिए मंदिर निर्माण की संभावना पर सवाल उठाया. जोशी ने कहा कि बीजेपी में लोग कानून व संविधान को समझते हैं, इसलिए यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे लोगों की भावनाओं का दोहन नहीं करें. जोशी ने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीजेपी देश के लोगों को भ्रमित कर वोट लेना चाहती है.

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...