Skip to main content

कमलनाथ जी आपको मुबारक अली, हमारे लिए काफी बजरंग बली: योगी









चुनावी मौसम में मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ का विवादित बयान भारतीय जनता पार्टी के भाषणों का अहम हिस्सा बन गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कमलनाथ के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें वह कथित पर यह कहते नजर आ रहे हैं कि कांग्रेस को सिर्फ मुसलमानों के वोट की जरूरत है.

शनिवार को मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने भोपाल में कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कह दिया कि आपको अली मुबारक, हमारे लिए बजरंग बली ही काफी हैं.

योगी ने क्या कहा

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'कमलनाथ जी का एक बयान मैं पढ़ रहा था, उन्होंने कहा कि हमें एससी-एसटी का वोट नहीं चाहिए, कांग्रेस को केवल मुस्लिमों के वोट चाहिए. कमलनाथ जी आपको अली मुबारक, हमारे लिए बजरंग बली पर्याप्त होंगे.'

दरअसल, कमलनाथ का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो कहते नजर आ रहे हैं कि हमें एससी-एसटी का वोट नहीं चाहिए, उनका वोट तो बीजेपी को भी मिलता है. हमें तो 90 प्रतिशत वोट मुसलमानों के चाहिए. अगर इससे कम वोट मिले तो हमें नुकसान होगा. हालांकि वीडियो की पुष्टि नहीं हुई है.

कमलनाथ के इस बयान को आधार बनाकार बीजेपी नेता कांग्रेस पर सांप्रदायिक राजनीति के आरोप लगा रही है. शनिवार को मंदसौर में रैली को संबोधित करते हुए खुद पीएम मोदी ने भी उनके इस बयान की निंदा की.

राहुल पर भी हमला

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा धार्मिक वस्त्रों में प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन की ओर सीधा इशारा करते हुए योगी आदित्यनाथ ने उन्हें 'छद्मभेषी' करार दिया. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा खुद को जनेऊधारी के रूप में प्रस्तुत करना भाजपा की वैचारिक विजय है.

आदित्यनाथ ने चुनावी सभा में कहा, 'राहुल मीडिया को बता रहे हैं कि वह जनेऊ पहनते हैं. लेकिन हमारे धर्म में मंदिर जाने के लिये जनेऊ पहनना कोई अनिवार्य शर्त नहीं है और कोई भी हिंदू मंदिर जा सकता है.'  उन्होंने कहा, 'राहुल जनेऊ धारण करें या न करें, यह उनकी इच्छा. लेकिन उनका जनेऊ दिखाना हमारी वैचारिक विजय है.'

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...