Skip to main content

राजस्थान: हनुमान बेनीवाल की रैलियों में उमड़ रही भारी भीड़










राजस्थान की सियायत में भले ही तीसरे मोर्चे की धमक कभी न रही हो, लेकिन निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल की हालिया गठित 'राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी' की रैलियों में उमड़ रही भीड़ बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के नेताओं की नींद उड़ा दी है. हनुमान बेनीवाल हेलिकॉप्टर लेकर राजस्थान के दौरे पर निकल पड़े हैं. उनकी पार्टी में ज्यादातर उन लोगों को टिकट दिया गया है, जिन्हें कांग्रेस और बीजेपी में टिकट के दावेदार होने के बावजूद टिकट नहीं मिला है.

रविवार से बेनीवाल ने हेलिकॉप्टर के जरिए चुनाव प्रचार की शुरुआत की. उन्होंने सीकर, बगरू और फुलेरा में अपने प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभाओं को संबोधित किया. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के उम्मीदवारों की रैलियों में उमड़ रही भारी भीड़ को देखकर यहां तक कहा जा रहा है कि इस बार हनुमान बेनीवाल राजस्थान की करीब 20 से 25 सीटों पर कांग्रेस और बीजेपी का गणित बिगाड़ सकते हैं.

बेनीवाल के तूफानी चुनावी दौरों पर लोग सवाल भी उठा रहे हैं. कांग्रेस कह रही है कि बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी बीजेपी की बी टीम है, तो दूसरी ओर बीजेपी कह रही है कि बेनीवाल कांग्रेस की बी टीम है. हालांकि बेनीवाल बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर करारा प्रहार कर रहे हैं. उनका कहना है कि वसुंधरा राजे ने राजस्थान में भ्रष्टाचार को जन्म दिया और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उसे पाला. कुल मिलाकर वो दोनों ही पार्टियों के खिलाफ चुनाव मैदान में है.

अगर बहुमत बीजेपी और कांग्रेस में से किसी को नहीं मिला, तो उनके समर्थन के बिना सरकार बनाना मुश्किल होगा. वैसे बेनीवाल का कहना है कि वो विपक्ष में बैठेंगे, लेकिन इन दोनों पार्टियों को समर्थन नहीं देंगे. बेनीवाल खींवसर से निर्दलीय विधायक हैं और उन्होंने घनश्याम तिवारी के पार्टी भारत वाहिनी के साथ मिलकर मोर्चा बनाया है.

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने राजस्थान के 200 सीटों में से 57 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. बेनीवाल ने अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत रविवार से जयपुर के आराध्य देव गोविंद देव जी और मोती डूंगरी के गणेश मंदिर में पूजा अर्चना के बाद की. बेनीवाल हेलिकॉप्टर में सवार होकर चुनावी रैलियों में पहुंच रहे हैं. अब वो एक दिन में 6 से 8 सभाएं करेंगे और पिछले 10 दिनों में सभी 57 विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे.

  

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...