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राम मंदिर के पास मस्जिद बनी तो असहिष्णु हो जाएंगे हिंदू: उमा






केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर बड़ा बयान दिया है. उमा भारती ने रविवार को कहा कि हिंदू दुनिया में सबसे ज्यादा सहिष्णु लोग हैं, लेकिन अयोध्या में राम मंदिर की परिधि में मस्जिद बनाने की बात उन्हें असहिष्णु बना सकती है.

उमा भारती ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अयोध्या में मंदिर निर्माण की आधारशिला रखने के लिए आमंत्रित किया और कहा कि वह ऐसा करके अपनी पार्टी के पापों का प्रायश्चित कर लेंगे.

मदीने में मंदिर नहीं तो अयोध्या में मस्जिद क्यों?

उमा भारती ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, हिंदू विश्व में सबसे सहिष्णु लोग हैं. मैं सभी राजनीतिज्ञों से अपील करती हूं कि अयोध्या में भगवान राम के जन्म स्थान के बाहरी दायरे में एक मस्जिद बनाने की बात करके उन्हें असहिष्णु न बनाएं. उन्होंने कहा कि जब पवित्र मदीना नगर में एक भी मंदिर नहीं हो सकता या वेटिकन सिटी में एक भी मस्जिद नहीं हो सकती तो अयोध्या में किसी मस्जिद की बात करना अनुचित होगा.

आस्था की नहीं जमीन विवाद का मामला

उमा भारती ने अयोध्या विवाद को आस्था नहीं बल्कि जमीन का विवाद बताया. उन्होंने कहा कि अब यह मात्र जमीन विवाद का एक मामला है, आस्था का नहीं है. यह तय है कि अयोध्या भगवान राम का जन्म स्थान है.

विपक्षी दलों से किया समर्थन का आग्रह

उमा भारती ने इस मुद्दे का अदालत के बाहर समाधान किए जाने पर जोर दिया और गांधी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा नेता मायावती और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी सहित सभी राजनीतिक नेताओं से इसका समर्थन करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि हमें इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों के समर्थन की जरूरत है. मैं राहुल गांधी सहित सभी नेताओं को आमंत्रित करती हूं कि वे मेरे साथ राम मंदिर की आधारशिला रखने के लिए आएं.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसा करके गांधी परिवार के वंशज कांग्रेस के पूर्व के पापों के लिए प्रायश्चित कर सकेंगे. जिसने अयोध्या में मंदिर बनाने में हमेशा बाधा उत्पन्न की है.  उन्होंने कहा कि सपा नेता मुलायम सिंह, बनर्जी, मायावती और वामदलों को इस मुद्दे पर बीजेपी का समर्थन करना चाहिए क्योंकि यह मुद्दा राष्ट्रीय हित का है.

भारती ने कहा, वे मामले को सुलझने नहीं दे रहे हैं. कांग्रेस को धर्म के नाम पर देश को बांटने की आदत छोड़नी होगी. उन्होंने दोहराया कि सभी पार्टियों को इस मुद्दे पर एकजुट होना होगा. 1990 के दशक में राम जन्म भूमि आंदोलन में हिस्सा ले चुकीं उमा भारती ने कहा कि वे राम मंदिर निर्माण को लेकर पूरी तरह तैयार हैं. उन्होंने कहा कि अगर राम मंदिर का निर्माण मेरे मृत शरीर पर होगा तो वो भी मंजूर है.

वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि राम मंदिरबनाने का कोई न कोई रास्ता जरूर निकलेगा. दुनिया की कोई ताकत राम मंदिर निर्माण नहीं रोक सकती. गिरिराज सिंह ने कहा कि राम मंदिर निर्माण को लेकर बीजेपी के राज्य सभा सदस्य राकेश सिंहा प्राइवेट मेंबर बिल लेकर आ रहे हैं. इसे देखना होगा कि देश के सौ करोड़ हिंदुओं के सम्मान में कांग्रेस पार्टी किस प्रकार सामने आती है. अन्य पार्टियों का रूख क्या होता हैं. उन्होंने कहा कि मै समझता हूं कि सरकार और न्यायालय दोनों को मिलकर रास्ता निकालना चाहिए.

  

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