राजस्थान में कांग्रेस के पूर्व महासचिव सीपी जोशी के बयान पर राजनीति गरमा गई है. हालांकि, राहुल गांधी के ट्वीट के बाद सीपी जोशी के तेवर आज ढीले नजर आए. वो काफी देर से अपने चुनाव प्रचार के लिए नाथद्वारा में निकले हैं. 2-3 कार्यकर्ताओं के साथ गाड़ी में बैठते हुए आजतक से बातचीत में उन्होंने कहा कि हमें जो कहना है हमने ट्विटर पर कह दिया है, मुझे इस मामले में अब कुछ भी नहीं बोलना है.
कैमरे से अलग बातचीत में सीपी जोशी ने कहा कि हमारी बातें काफी लंबी थीं, लेकिन उसमें से बीच में से कुछ अंश निकाल लेने से वो आउट आफ कंटेक्स्ट नजर आ रहा है. ऐसा लग रहा है जैसे वो बातें जाति के लिए कही गई हों. जबकि मैं बीजेपी को आइना दिखा रहा था. वो धर्म की बातें करते हैं तो धर्म क्या-क्या कहता है?
उधर, बीजेपी को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद से लेकर सूचना एवं प्रसारण मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस बयान को लेकर कांग्रेस को घेरने की कोशिश की है. दोनों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस धर्म और जाति की राजनीति करती है और सीपी जोशी का यह बयान दिखाता है कि उनकी मानसिकता कैसी है. सीपी जोशी के इस बयान पर कांग्रेस की मान्यता खत्म करनी चाहिए क्योंकि वो जाति का इस्तेमाल चुनाव में कर रहे हैं.
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने सीपी जोशी के बयान पर कहा कि हमारे यहां शालीनता और सजगता रखी जाती है. राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मामले पर बयान दे दिया है. कोई भी नेता कोई भी व्यक्तिगत बयान दे तो वो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का बयान नहीं है. लेकिन यह कोई चुनावी मुद्दा नहीं है. असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश हो रही है.