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मंदिर पर बोले योगी- राम नाम का दीया जलाएं, दिवाली बाद काम शुरू










उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्थान में शनिवार को एक चुनावी रैली में कहा कि राम मंदिर निर्माण का काम जल्द शुरू होगा. योगी ने देश भर के लोगों से अपील की है कि राम मंदिर निर्माण के लिए वे 6 नवंबर को अपने घरों में प्रभु राम के नाम का एक दीपक जलाएं.

राजस्थान के बीकानेर में एक चुनावी रैली में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धर्मस्थल उपासना के नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकात्मकता के भी स्थल हैं और प्रत्येक नागरिक के लिए धर्मस्थल खुले रहने चाहिए, यह आज के समय की जरूरत है. योगी ने बीकानेर में श्रीनवलेश्वर मठ सिद्धपीठ में योगी श्रीमत्स्येंद्रनाथ, योगी गुरु गोरक्षनाथ और भगवान आदित्यदेव की प्रतिमाओं का अनावरण किया.

जलाएं राम के नाम का दीया

लोगों को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि नाथ संप्रदाय परंपरा ने भी समाज को नई दिशा देने में बड़ी भूमिका निभाई है. सीएम ने महापुरुषों के जीवन को उदाहरणीय बताया और कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन आदर्शमय रहा है.

इस दौरान जब भीड़ 'जयश्री राम' का उद्घोष कर रही थी तो उन्होंने कहा कि वे जानते हैं कि 'राम के नाम पर आपकी क्या चाहत है, आपकी भावनाएं साकार रूप लें, इसके लिए देशभर में प्रत्येक घर में छह नवंबर को एक दीपक राम नाम का जलना चाहिए, दिवाली के बाद काम शुरू किया जाएगा.'

राम मंदिर निर्माण मेरा सपना

राम मंदिर आंदोलन से लंबे समय से जुड़ी रहीं केंन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा है कि राम मंदिर उनका सपना है वो इसके लिए वो हर प्रयास करेंगी. उमा भारती ने शनिवार को कहा, "राम जन्मभूमि आंदोलन में मैं सक्रिय रूप से भागीदार थी, इससे जुड़ा एक मामला भी अभी चल ही रहा है, और मुझे इस पर गर्व है, राम मंदिर का निर्माण मेरा सपना है और मेरी तरफ से इसके लिए जो बन पड़ेगा मैं करूंगी."

अदालत से देरी तो बने कानून

नरेंद्र मोदी सरकार के एक और मंत्री ने भी राम मंदिर बनाने की पैरवी की है. केंद्रीय मंत्री और पाली से बीजेपी के सांसद पीपी चौधरी ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए और यदि इसमें न्यायिक देरी होती है तो कानून बनाया जा सकता है. पीपी चौधरी ने कहा, "मामला सुप्रीम कोर्ट में है और हम चाहते हैं कि इस पर फैसला जल्द आए, मैं सरकार के बारे में नहीं कह सकता लेकिन मेरी निजी राय है कि यदि न्याय प्रक्रिया में देरी होती है तो कानून बनाया जा सकता है.

संतों का धर्मादेश

इधर आरएसएस ने जैसे ही मंदिर निर्माण के लिए 1992 जैसे आंदोलन की पैरवी की संतों ने हलचलें तेज कर दी. दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम देश भर से 3 हजार संत जुटे हैं. संतों के इस जमावड़े को धर्मादेश संत महासम्मेलन नाम दिया गया है. इस कार्यक्रम का आज दूसरा दिन है.  इस कार्यक्रम से पहले राम मंदिर न्यास के सदस्य रामविलास वेदांती ने कहा कि आपसी सहमति से दिसंबर में भी राम मंदिर का निर्माण शुरू होगा. उन्होंने कहा कि मुस्लिम चाहें तो लखनऊ में मस्जिद बना सकते हैं. माना जा रहा है कि राम जन्मभूमि विवाद के लिए मध्यस्थता कर चुके श्रीश्री रविशंकर भी आज इस समागम को संबोधित कर सकते हैं.

  

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