Skip to main content

टिकट बंटवारे से नाराज BJP नेता की ऑफिस में फांसी लगाने की कोशिश





राजस्थान बीजेपी के दफ्तर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब टिकट वितरण से नाराज एक युवक जयपुर के पार्टी मुख्यालय में पेड़ पर चढ़कर अपने गमछे से फांसी लगाने लगा. लोग बचाओ-बचाओ करके दौड़े .पेड़ से लटके उस युवक के पैरों को अपने हाथों से ऊपर उठाने की कोशिश की मगर युवक ने पेड़ के ऊपर और जाकर गमछे को डाली से बांधकर अपने गले में डाल लिया.

मामला बिगड़ता देख तुरंत वहां पार्टी दफ्तर में मौजूद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पेड़ पर चढ़कर उस युवक को काबू में लिया और नीचे उतारा. मौके पर पुलिस को सूचना दे दी गई और पुलिस उसको हिरासत में लेकर जयपुर के अशोकनगर थाने ले गई.

दरअसल, पूरा माजरा यह हुआ कि शाम को 5:00 बजे कांग्रेस के पिछली गहलोत सरकार में शामिल पूर्व मंत्री रामकिशोर सैनी बीजेपी में शामिल हो गए और कहा गया कि रामकिशोर सैनी को बांदीकुई विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के टिकट पर सचिन पायलट के करीबी जीआर खटाना के सामने उतारा जाएगा. इस बात से नाराज होकर बांदीकुई से आए बीजेपी नेता लोकेश सैनी ने पार्टी दफ्तर में आत्महत्या का प्रयास किया.

5 साल से बीजेपी के लिए जी जान से जुटे

उसका कहना था कि हम लोग 5 साल से बीजेपी के लिए जी जान से जुटे हैं लेकिन बीजेपी हमारी कीमत पर कांग्रेस से पैराशूट उम्मीदवार लाकर हमारे विधानसभा सीट से लड़ना चाहती है. इस बात से दुखी होकर उसने पार्टी दफ्तर में जान देने की सोची.

फिलहाल पुलिस ने उस पर आत्महत्या के प्रयास करने का मुकदमा दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया है. उसे कल कोर्ट में पेश किया जाएगा. मामले को गंभीर मानते हुए बीजेपी दफ्तर में बड़ी संख्या में पुलिस बल लगा दिया गया है. साथ ही कांग्रेस दफ्तर में भी रात के धरने को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती कर दी गई है ताकि कोई हादसा ना हो. टिकट वितरण के बाद से ही कांग्रेस और बीजेपी में लगातार नाराज नेताओं का विरोध प्रदर्शन जारी है.

  

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...