Skip to main content

राजस्थान में दलबदलुओं की चांदी, BJP ने छह को दिया टिकट




राजस्थान विधानसभा चुनाव में बीजेपी लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी के लिए हरसंभव कोशिश में जुटी है. बीजेपी ने अभी तक 162 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है. इस फेहरिश्त में ऐसे भी नाम शामिल हैं,  जिन्होंने पिछले चुनाव में बीजेपी के खिलाफ सियासी मैदान में उतरे थे. वक्त बदला तो सियासी मिजाज भी बदल गया है. अब पार्टी ने उन्हें टिकट देकर 2018 के चुनाव में कमल खिलाने के जुगत में है. वहीं, कांग्रेस की लिस्ट में भी ऐसे ही कुछ नाम नजर आ सकते हैं.

गोलमा देवी

राज्यसभा सासंद किरोड़ी लाल मीणा की पत्नी गोलमा देवी को बीजेपी ने सपोटरा विधानसभा सीट से उतारा है. जबकि पिछले चुनाव में गोलमा देवी ने बीजेपी के खिलाफ राजगढ़ सीट से उतरी थी. तब उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार को मात देकर विधायक बननी थी.

गुरदीप सिंह शाहपीणी

गुरदीप सिंह शाहपीणी को बीजेपी ने संगरिया विधानसभा सीट से टिकट दिया है. जबकि शाहपीणी पिछले चुनाव में संगरिया सीट से ही बीजेपी के खिलाफ ही मैदान में थे. वो बीजेपी कृष्ण कड़वा के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ा था और 40994 वोट हासिल किया था, लेकिन जीत नहीं सके थे. बावजूद इसके बीजेपी ने अपने मौजूदा विधायक का टिकट काटकर उनपर भरोसा किया है.

बिहारी लाल विश्नोई

बिहारी लाल विश्नोई को बीजेपी ने नोखा से अपना उम्मीदवार घोषित किया है. जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में विश्नोई नोखा सीट पर बीजेपी के लिए परेशान खड़ी कर दी थी. इसी का नतीजा था कि इस सीट पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी और विश्नोई 35,365 वोट हासिल किया था. बीजेपी चौथे नंबर पर सिमट गई थी. इसी का नतीजा है कि पार्टी ने बिहारी लाल बिश्नोई पर भरोसा जताया है.

कन्हैया लाल मीणा

बीजेपी ने कन्हैया लाल मीणा को बस्सी विधानसभा सीट से टिकट दिया है. पार्टी ने अपने मौजूदा विधायक अंजू देवी धानका का टिकट काटकर मीणा को दिया है. जबकि पिछले चुनाव में मीणा ने बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ा था. हालांकि वो बीजेपी के लिए बहुत ज्यादा दिक्कत नहीं खड़े सके थे. 

अशोक शर्मा

अशोक शर्मा को बीजेपी ने राजाखेड़ा से चुनावी मैदान में उतारा है. जबकि पिछले चुनाव में शर्मा धौलपुर सीट से बीजेपी के खिलाफ मैदान में उतरे थे. इसी का नतीजा था कि बीजेपी तीसरे नंबर पर रही और ये सीट बसपा ने जीती थी. अब पार्टी ने उन्हें कांग्रेस के कब्जे वाली राजाखेड़ा से उम्मीदवार घोषित किया है.

अभिनेष महर्षि

अभिनेष महर्षि को बीजेपी ने रतनगढ़ विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित किया है. हालांकि पार्टी ने अपने मौजूदा विधायक राजकुमार रिणवा टिकट काटकर उन्हें उतारा है. जबकि महर्षि पिछले चुनाव में रतनगढ़ से बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़े थे और बहुत प्रभावी नहीं रहे हैं. इसके बाद भी पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है, लेकिन इस पर कितना खरा उतरते हैं ये तो वक्त ही बताएगा. 

कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा नहीं की है. हालांकि माना जा रहा है कि कई दलबदलुओं को पार्टी अपना उम्मीदवार घोषित कर सकती है. बीजेपी और दूसरी पार्टियों के कई नेता कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं.

  

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...