Skip to main content

AAP का आरोप- ब्रिज हंगामे पर मनोज तिवारी को बचा रहे कमिश्नर





सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन के मौके पर हुए हंगामे का मामला पुलिस चौकी और थाने होते हुए अब दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक पहुंच गया है. आम आदमी पार्टी का तीन सदस्यीय डेलिगेशन शुक्रवार को बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के खिलाफ शिकायत लेकर दिल्ली पुलिस कमिश्नर से मिलने पुलिस मुख्यालय पहुंचे.

आम आदमी पार्टी के डेलिगेशन में AAP के राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता, आप प्रवक्ता राघव चड्ढा और बुराड़ी के विधायक शामिल रहे. बता दें कि ब्रिज के उद्घाटन समारोह के दिन एक तरफ जहां मनोज तिवारी की दिल्ली पुलिस के अफसरों के अलावा AAP कार्यकर्ताओं से झड़प हुई थी, तो वहीं आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान मनोज तिवारी को धक्का देते दिखाई दिए थे.

मनोज तिवारी ने की थी शिकायत

हंगामे के बाद बीजेपी के 2 कार्यकर्ताओं और राज्य के बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने दिल्ली पुलिस से शिकायत की थी, जिसके बाद आप विधायक अमानतुल्ला पर केस दर्ज किया गया है. मामले की जांच क्राइम ब्रांच के हवाले है.

तिवारी के खिलाफ नहीं दर्ज हुई FIR

आम आदमी पार्टी का आरोप है कि आप के विधायक पर तो एफआईआर दर्ज कर ली गई लेकिन मनोज तिवारी और उनके समर्थकों ने अरविंद केजरीवाल पर हमला किया. साथ ही पुलिसवालों से भी झड़प हुई. इस मामले पर दिल्ली पुलिस ने लिखित शिकायत देने के बावजूद भी मनोज तिवारी के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की.



पुलिस कमिश्नर ने किया तिवारी का बचाव

कमिश्नर से मुलाकात के बाद आप प्रवक्ता ने दावा किया कि कमिशन ने तिवारी का बचाव किया है. उन्होंने कहा कमिश्नर ने मनोज तिवारी और दिल्ली पुलिस के अफसर का जो वीडियो सामने आया था उस पर एक तरह से मनोज तिवारी का बचाव करते हुए कहा कि वीडियो में कुछ भी साफ नहीं कि किसने किस पर हमला किया.

अमानतुल्ला के खिलाफ 3 एफआईआर दर्ज

कमिश्नर से मिलने के बाद भी आप के डेलिगेशन में संतुष्ट नहीं दिखाई दी. उन्होंने पुलिस पर दबाव में काम करने का आरोप लगाया. गौरतलब है कि सिग्नेचर ब्रिज विवाद के बाद आप के विधायक अमानतुल्ला के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं और मामले की जांच दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच कर रही है. सूत्रों के मुताबिक पुलिस जल्द ही अमानतुल्ला को पूछताछ के लिए बुला सकती है.

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...