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सबरीमाला मंदिर से लौट रही 50 साल की महिला की मौत











केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला सन्निधानम मंदिर से लौट रही एक 50 साल की महिला की मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक, महिला की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है. वहीं, हिन्दू एक्यावेदी प्रदेश अध्यक्ष के. पी. शशिकला को थिरुवेला कोर्ट से जमानत दे दी गई है.

इस बीच, 10 से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश का विरोध करने वाले अयप्पा धर्म सेना के राहुल ईश्वर ने उस समय नया विवाद खड़ा कर दिया जब उन्होंने पुलिस हिरासत में रखी गईं के. पी. शशिकला के साथ सेल्‍फी लेकर सोशल मी‍डिया पर पोस्‍ट दिया.

बता दें कि भगवान अयप्पा स्वामी के दर्शन के लिए सबरीमला जा रही संघ परिवार की वरिष्ठ नेता के. पी. शशिकला की गिरफ्तारी के विरोध में दक्षिणपंथी हिन्दू संगठनों ने शनिवार को केरल में सुबह से शाम तक हड़ताल बुलाई थी. शशिकला को पुलिस ने सबरीमला के निकट माराकोट्टाम से शुक्रवार देर रात करीब ढाई बजे गिरफ्तार किया था.

वहीं, सबरीमाला मंदिर को लेकर केरल में तनाव खत्‍म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. भूमाता ब्रिगेड की संस्थापक तृप्ति देसाई ने गुरुवार रात मंदिर में एंट्री करने का ऐलान किया था जबकि अयप्पा धर्म सेना के राहुल ईश्वर ने तृप्ती देसाई को देख लेने की धमकी देते हुए कहा था कि हम जमीन पर लेट जाएंगे. हम विरोध करेंगे और किसी भी कीमत पर उन्हें मंदिर में पूजा करने से रोकेंगे. इससे टकराव बढ़ने की आशंका बढ़ गई थी.

हालांकि, इसके बाद तृप्‍त‍ि और उनकी साथ‍ियों को मंदिर में बिना दर्शन किए और लोगों के विरोध के चलते बीती रात भूमाता ब्रिगेड की तृप्ति देसाई को बैरंग मुंबई लौटना पड़ा. मुंबई एयरपोर्ट पर भी सबरीमाला मंदिर के श्रद्धालुओं ने उनका जमकर विरोध किया.

दूसरी तरफ, शनिवार को मंदिर से भगवान के दर्शन कर लौट रही मृतका की पहचान कर्नाटक निवासी चंद्रकांति के रूप में हुई है. उसे दौरा पड़ने के बाद महिला को इलाज के लिए अस्‍पताल भी ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्‍टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

इससे पहले 6 नवंबर को तड़के सबरीमाला मंदिर के कपाट खुलने के बाद वहां झड़प हो गई. इसमें एक 52 साल की महिला घायल हो गई थी. थ्रिसुर की रहने वाली 52 वर्षीय महिला ललिथा का लोगों ने विरोध किया था. इसी दौरान महिला को चोट आ गई थी.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयप्पा स्वामी मंदिर में सभी आयुवर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दिए जाने के बाद मंदिर तीसरी बार खुला है. शनिवार से शुरू हो रही दो महीने लंबी तीर्थ यात्रा के लिए मंदिर शुक्रवार को खुला. यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 10 से 50 साल की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश से रोकने की सदियों पुरानी परंपरा को गलत बताते हुए उसे खत्म कर दिया था और सभी आयुवर्ग की महिलाओं को प्रवेश करने की इजाजत दी थी. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 17 अक्टूबर को पहली बार कपाट खुले थे.

  

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