गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) को लेकर आज भी कई व्यापारी शिकायत करते हैं कि यह टैक्स उनकी समझ से अब भी बाहर है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए गुजरात के शिक्षा विभाग ने फैसला किया है कि कॉमर्स के छात्रों को अगले शिक्षा सत्र से 11वीं और 12वीं में जीएसटीके बारे में पढ़ाया जाए.
जीएसटी आने के बाद गुजरात देश का पहला राज्य होगा जिसमें बच्चों को पढ़ाई के लिए जीएसटी एक विषय के तौर पर पढ़ाया जाएगा. गुजरात में शिक्षा विभाग के आदेश के बाद अब गुजरात पाठ्य पुस्तक मंडल इस बात पर मंथन कर रहा है कि 11वीं और 12वीं के छात्रों को जीएसटी कैसे पढ़ाया जाए.
मंडल के अध्यक्ष पेथानी का कहना है कि जीएसटी को बतौर पाठ्यक्रम में लाने के लिए 9 फेमस चार्टेड अकाउंटेंट और वित्तीय विभाग के एक्सपर्ट अधिकारियों से राय ली जा रही है. इसके बाद ये फैसला किया है कि कॉमर्स के बच्चों को जीएसटी पढ़ाना चाहिए ताकि उन्हें जीएसटी का प्राथमिक ज्ञान मिल पाए.
जीएसटी का विषय जटिल होने की वजह से थ्योरी के तौर पर इसे अर्थशास्त्र विषय में शामिल किया जाएगा जबकि प्रैक्टिकल के तौर पर अकाउंट विषय में शामिल किया जाएगा.
जीएसटी को पढ़ाने के लिए पिछले एक साल से एक्सपर्ट के साथ चर्चा चल रही है जिसके बाद ये फैसला किया गया है. यही नहीं गुजरात सरकार का शिक्षा विभाग आने वाले दिनों में कॉलेज में कॉमर्स के छात्रों के लिए अकाउंटिंग के साथ-साथ जीएसटी विषय को लाने के बारे में सोचा जा रहा है.