Skip to main content

लोकसभा उपचुनाव में 10वीं हार, 282 से घटकर 272 रह गई BJP





कर्नाटक के तीन लोकसभा और दो विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में बीजेपी को तगड़ा झटका लगा है. वहीं, जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन अपना किला बचाने में कामयाब रही है बल्कि बीजेपी के दिग्गज नेता श्रीरामल्लू के गढ़ में जीत हासिल की है. साल 2014 में मोदी सरकार के गठन के बाद से पार्टी को लगातार उपचुनावों में शिकस्त झेलनी पड़ी है.

बेल्लारी, शिमोगा और मांड्या लोकसभा सीट पर नतीजे आए हैं. इनमें से बेल्लारी, शिमोगा सीट बीजेपी के कब्जे में थी. जबकि मांड्या सीट जेडीएस के पास थी. मंगलवार को आए उपचुनाव नतीजे में बीएस येदियुरप्पा बेटे बीवाई राघवेंद्र येदियुरप्पा शिमोगा सीट से जीत हासिल कर सके हैं.

बेल्लारी लोकसभा सीट से बीजेपी के दिग्गज नेता श्रीरामल्लू सांसद थे, लेकिन विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद उन्होंने लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद हुए उपचुनाव में पार्टी ने उनकी बहन शांता को प्रत्याशी बनाया था उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार वीएस उग्रप्पा ने करारी मात दी है. मांड्या लोकसभा से जेडीएस उम्मीदवार एलआर सीवराम्मे गौड़ा ने जीत हासिल की है.

बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद से अभी तक 30 लोकसभा सीटों पर उपचुनाव हुए हैं. बीजेपी लगातार अपनी जीती हुई सीटों एक-एक करके हारती जा रही है. नरेंद्र मोदी की अगुवाई में 282 सीटों पर कमल खिलाने वाली बीजेपी 1984 के बाद के 30 साल में अपने दम पर बहुमत हासिल करने वाली पहली पार्टी बनी थी.

2014 के बाद से 30  लोकसभा सीटों पर उपचुनाव हुए हैं जिनमें से 16 सीटें बीजेपी के कब्जे में थीं लेकिन अब इनमें से महज 6 सीटें ही बीजेपी बरकरार रख सकी है. यानी पार्टी ने 10 सीटें गंवा दी हैं. यही वजह है कि लोकसभा में उसकी सीटों का आंकड़ा 282 से घटकर 272 रह गया है.

2018: 10 सीटों पर उपचुनाव

बेल्लारी- बीजेपी की सीट कांग्रेस ने छीनी

शिमोगा - बीजेपी की सीट, पार्टी ने बरकरार रखी

मांड्या - जेडीएस की सीट, पार्टी ने बरकरार रखी

कैराना- बीजेपी की सीट, आरएलडी ने छीनी

पालघर- बीजेपी की सीट, पार्टी ने बरकरार रखी

गोंदिया- भंडारा- बीजेपी की सीट, एनसीपी ने छीनी

नगालैंड- एनडीपीपी की सीट, पार्टी ने बरकरार रखी

अररिया- आरजेडी की सीट,  पार्टी ने बरकरार रखी

फूलपुर- बीजेपी की सीट, समाजवादी पार्टी ने छीनी

गोरखपुर- बीजेपी की सीट, समाजवादी पार्टी ने छीनी

अलवर- बीजेपी की सीट, कांग्रेस ने छीनी

अजमेर- बीजेपी की सीट, कांग्रेस ने छीनी

उलबेरिया- टीएमसी की सीट, पार्टी ने बरकरार रखी

2017: चार सीटों पर उपचुनाव

गुरदासपुर- बीजेपी की सीट, अब कांग्रेस की जीत

अमृतसर- कांग्रेस की सीट, पार्टी ने बरकरार रखी

श्रीनगर- पीडीपी की सीट, नेशनल कॉन्फ्रेंस की जीत

मलप्पुरम- IUML की सीट, पार्टी ने बरकरार रखी

2016: पांच सीटों पर उपचुनाव

तुरा- एनपीपी की सीट, पार्टी ने बरकरार रखी

शहडोल- बीजेपी की सीट,  पार्टी ने बरकरार रखी

तमलुक- टीएमसी की सीट, पार्टी ने बरकरार रखी

कूचबिहार- टीएमसी की सीट, पार्टी ने बरकरार रखी

लखीमपुर- बीजेपी की सीट, पार्टी ने बरकरार रखी

2015: तीन सीटों पर उपचुनाव

रतलाम- बीजेपी की सीट, कांग्रेस ने छीनी

बनगांव- टीएमसी की सीट, पार्टी ने बरकरार रखी

वारंगल- टीआरएस की सीट, पार्टी ने बरकरार रखी

2014: पांच सीटों पर उपचुनाव

वडोदरा- बीजेपी की सीट, पार्टी ने बरकरार रखी

बीड- बीजेपी की सीट, पार्टी ने बरकरार रखी

मैनपुरी- सपा की सीट, पार्टी ने बरकरार रखी

मेडक- टीआरएस की सीट, पार्टी ने बरकरार रखी

कंधमाल- बीजेडी की सीट, पार्टी ने बरकरार रखी

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...