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संभलः मुंह से ठांय-ठांय की आवाज निकालने वाले SI का होगा सम्मान







यूपी के संभल में एनकाउंटर के दौरान जिस सब इंस्पेक्टर की पिस्तौल खामोश रह गई थी, उसका अब सम्मान होगा. संभल के एसपी ने मुंह से ठांय-ठांय की आवाज निकालने वाले सब इंस्पेक्टर को सम्मानित करने की सिफारिश की है.

यूपी पुलिस के सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार चर्चाओं में हैं. इनकी पिस्तौल ऐन वक्त पर खामोश हो जाती है. सामने अपराधी होता है लेकिन पिस्तौल एक्शन में आने से इंकार कर देती है. इस सब इंस्पेक्टर की वजह से यूपी पुलिस की जगहंसाई हो रही है. यूपी पुलिस मजाक का पात्र बन गई है. लेकिन अब इस सब इंस्पेक्कर का सम्मान किया जा रहा है. जिस हरकत पर कार्रवाई होनी चाहिए, उस पर पीठ थपथपाई जा रही है.

मनोज का किस्सा आपको याद होगा. अगर याद नहीं तो हम बताते हैं. संभल में यूपी पुलिस का ईनामी बदमाश से सामना हुआ था. सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार पुलिस की टीम में थे. उनकी पिस्तौल दगा दे गई तो सब इंस्पेक्टर साहेब ने मुंह से आवाज निकालकर अपराधियों को खौफ से भर देने की कोशिश की. तस्वीरें सामने आईं तो यूपी पुलिस को जवाब देते नहीं बना.

लेकिन अब संभल के एसपी साहेब को सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार दिलेर दिखने लगे हैं. संभल के एसपी इन तस्वीरों पर गर्व से फूले नहीं समा रहे. बाकायदा बयान जारी कर एसपी ने तारीफों की झड़ी लगा दी है.

एसपी साहब का कहना है "मुठभेड़ के दौरान सबइंस्पकेटर मनोज कुमार की पिस्तौल खराब हो गई. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने अपने सहयोगियों का हौसला बढाया. हमारी टीम इनामी बदमाश को पकड़ने में कामयाब रही. सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने अदम्य साहस का परिचय दिया है. उनका नाम सम्मान के लिए भेजा जा रहा है."

हैरत होना लाजिमी है कि आखिर अचानक एसपी ने यू-टर्न क्यों ले लिया. क्या इसके पीछे अपने ही विभाग से कोई अंदरूनी खुन्नस है? या फिर कोई सियासी दबाव. ये कहना अभी मुश्किल है.

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