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मोदी सरकार ने MP को दिया तोहफा, कांग्रेस ने बताया जुमला




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मध्य प्रदेश की राजधानीभोपाल और आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर को मेट्रो प्रोजेक्ट की सौगात मिली है. जहां एक ओर इस फैसले से सत्ताधारी बीजेपी खुश है तो वहीं दूसरी ओरकांग्रेस इसे जुमला बता रही है.

मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने भोपाल और इंदौर में मेट्रो प्रोजेक्ट मंजूर किये जाने के बाद ट्वीट कर कहा, ''भोपाल- इंदौर में मेट्रो सिर्फ एक चुनावी जुमला मात्र है. हर चुनाव के पूर्व शिवराज इस तरह के सपने दिखाते आयें है. जिस सरकार के जाने का समय नजदीक है, खज़ाना ख़ाली है वो किस मुंह से मेट्रो के सपने दिखा रही है. हर बार की तरह यह घोषणा भी कागज़ी ही है.''

शिवराज ने जताया आभार

वहीं लंबे समय से अटके पड़े मेट्रो प्रोजेक्ट को केंद्र की हरी झंडी मिलने पर प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है. शिवराज ने ट्वीट कर कहा, ''आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इंदौर और भोपाल के लिए मेट्रो रेल को स्वीकृति दी. समस्त प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री जी व मंत्रिमंडल का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं.''

इसके बाद शिवराज ने केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पूरी को भी ट्वीट कर मेटो प्रोजेक्ट के लिए धन्यवाद करते हुए लिखा, ''अपने सहयोग और मार्गदर्शन द्वारा भोपाल एवं इंदौर के लिए मेट्रो रेल को संभव बनाने के लिए केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली व केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी का समस्त प्रदेशवासियों की ओर से सहृदय आभार.''

चार साल में पूरा होगा काम

आपको बता दें कि बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने भोपाल में करीब 28 किलोमीटर और इंदौर में 31 किलोमीटर लम्बाई वाले मेट्रो लाइन बनाये जाने को मंजूरी दी है. भोपाल मेट्रो की कुल लागत 6 हज़ार 941 करोड़ रुपये रहेगी तो वहीं इंदौर मेट्रो को बनाने पर 7 हज़ार 500 करोड़ रुपये की लागत आएगी. दोनों शहरों में मेट्रो प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए 4 साल का लक्ष्य रखा गया है.

  

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