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MP: चुनाव से पहले BJP की रथ यात्रा, कांग्रेस ने की आयोग से शिकायत





रथ यात्रा के सहारे मध्यप्रदेश में एक बार फिर बीजेपी 'अबकी बार 200 पार' के नारे को सच करने की जुगत में लग गई है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को भोपाल से 'समृद्ध मध्य प्रदेश' नाम से रथ यात्रा की शुरुआत की. भाजपा इस रथयात्रा के जरिए जनता को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के बखान के साथ साथ जनता से प्रदेश के हित के नए आइडिया भी मांग रही है.

1990 में सोमनाथ से शुरू हुई रथयात्रा ने बीजेपी को दो सांसदों वाली पार्टी से 273 सांसदों वाली पार्टी बनाया. मध्य प्रदेश में चुनाव से पहले बीजेपी एक बार फिर रथयात्रा के भरोसे चौथी बार एमपी में सरकार बनाने की जुगत में लग गई है.

चुनाव के एक महीने पहले 51 जिलों की 'समृद्ध मध्य प्रदेश' रथ यात्रा को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भाजपा कार्यालय से हरी झंडी दी. LED लगे रथों के साथ सुझाव पेटियां और टेबलेट रहेंगे जिससे आम जनता अपने अपने आइडिया दे सकेगी. बीजेपी का मानना है कि रथों के ज़रिए जनता के दिल तक पहुंचना आसान है और इसलिए ये रथ यात्रा शुरू की जा रही है.

सूबे के मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने बताया कि ''रथ यात्रा निकालना बीजेपी के स्वभाव में है. मेले, ठेले, रथयात्रा यहां की संस्कृति है और बीजेपी का रथ पहली बार नहीं निकल रहा है. जिसने कुछ किया है वो रथ लेकर निकल सकता है.''

वहीं, कांग्रेस ने रथों के जर‍िए प्रचार पर आपत्ति जताते हुए इसकी शिकायत चुनाव आयोग में की है. कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा के मुताबिक, ''ये अभियान पूरी तरह से प्रलोभन और गुमराह की श्रेणी में आता है. कांग्रेस ने इस मामले में चुनाव आयोग से शिकायत दर्ज कर दी है और चुनाव आयोग से कहा है कि इसे रोका जाए और रथों को जब्त किया जाए."

  

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