Skip to main content

MP में बजा चुनावी बिगुल, रतलाम में शाह बोले- BJP किसान हितैषी






मध्य प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है. मध्य प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला माना जा रहा है. इसके चलते दोनों पार्टियों का शीर्ष नेतृत्व भी चुनाव में पूरे जी जान से जुट गया है. बीजेपी अध्यक्षअमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार रैलियां कर रहे हैं.

शनिवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मध्य प्रदेश के रतलाम का दौरा किया और यहां पर उज्जैन संभाग किसान सम्मेलन को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने की जमकर कोशिश की. साथ ही सूबे की शिवराज सिंह चौहान सरकार और केंद्र की मोदी सरकार के कामकाज की तारीफ की.

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने साल 2022 तक देश में किसानों की आय को दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है और हम किसानों की आय दोगुनी करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं. साल 2014-19 के दौरान मोदी सरकार ने किसानों के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपये देने का काम किया. शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में पांच मुख्यमंत्रियों की कमेटी बनी, जिसके जिम्मे पूरे देश के किसानों की आय को दोगुना करने का काम है.

उन्होंने कहा कि साल 2003 के बजट में कांग्रेस की सरकार ने किसानों को सिर्फ़ 2,915 करोड़ रुपये दिया था, लेकिन शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने 2018 के बजट में 23,900 करोड़ रुपये किसानों को देने का काम किया है. शिवराज सरकार ने कांग्रेस सरकार से कई गुना ज्यादा पैसा किसानों को आवंटित किया. शिवराज सरकार का यह कदम बताता है कि किसानों के लिए कितना काम हुआ है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए बीजेपी अध्यक्ष शाह ने कहा कि साल 2014 में बीजेपी की सरकार बनी, तो पीएम मोदी ने अपने पहले भाषण में कहा था कि हमारी सरकार गरीबों और किसानों के लिए है. ये शब्द सीधे उनके दिल से निकले थे.

बता दें कि मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है. नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 9 नवंबर है, जबकि 14 नवंबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. यहां सभी सीटों पर एक साथ 28 नवंबर को मतदान होगा.

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...