Skip to main content

क्या पीएम की रैली की वजह से EC ने बदला चुनाव घोषणा का समय?





चुनाव आयोग आज (शनिवार) पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है. आयोग ने दोपहर 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है, जिसमें ये ऐलान होना संभव है. हालांकि, इससे पहले चुनाव आयोग ने दोपहर 12.30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी.

राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिजोरम में इसी साल विधानसभा का कार्यकाल पूरा हो रहा है, जिसके मद्देनजर इन राज्यों में चुनाव होना तय है. हालांकि,तेलंगाना को लेकर भी चुनाव आयोग घोषणा कर सकता है, क्योंकि वहां की विधानसभा भंग हो चुकी है.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के समय पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

चुनाव तारीखों के ऐलान के वक्त में फेरबदल पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि चुनाव आयोग ने पांच राज्यों की चुनावी तारीख के लिए 12.30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी. राजस्थान के अजमेर में दोपहर 1 बजे पीएम मोदी की रैली है. चुनाव आयोग ने अचानक वक्त बदल दिया है और प्रेस कॉन्फ्रेंस 3 बजे होगी. चुनाव आयोग की स्वतंत्रता?

वहीं, इससे पहले ये सूचना थी कि सोमवार या मंगलवार तक इस संबंध में चुनाव आयोग प्रेस कॉन्फ्रेंस बुला सकता है और तारीखों की घोषणा कर सकता है. लेकिन आज आयोग ने अचानक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाने की निर्णय लिया है. जिसमें चुनाव की तारीखों का ऐलान होने की उम्मीद की जा रही है. आज भी आयोग की तरफ से पहले दोपहर 12.30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई थी, लेकिन बाद में उसे 3 बजे रखा गया.

बता दें कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे बड़े राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, जबकि मिजोरम में कांग्रेस सत्ता में है. राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मुख्य रूप से कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही मुकाबला रहता है. आगामी चुनाव के मद्देनजर भी दोनों पार्टियां जमकर चुनाव प्रचारक्या पीएम की रैली की वजह से EC ने बदला चुनाव घोषणा का समय?




Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...