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विजयदशमी उत्सव के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने नागपुर में भव्य कार्यक्रम किया. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी पहुंचे. लेकिन कार्यक्रम का पूरा फोकस संघ प्रमुख मोहन भागवत के राम मंदिर को लेकर दिए गए बयान पर गया.
हालांकि, संघ प्रमुख ने जब अपना भाषण खत्म किया तो कुछ ऐसा हुआ कि लोगों का ध्यान स्टेज की तरफ गया. भाषण खत्म कर जैसे ही मोहन भागवत अपनी कुर्सी की ओर बढ़ रहे थे तो उनके पैर लड़खड़ा गए और वह गिरने से बचे.
हालांकि, पैर लड़खड़ाने के चंद सेकेंड बाद ही उन्होंने खुद को संभाला और फिर कुर्सी की ओर बढ़ चले. आरएसएस द्वारा उनके यूट्यूब पर जारी लाइव कवरेज के दौरान इस वीडियो को देखा जा सकता है.(लड़खड़ाने वाला वीडियो देखें, टाइम: 1:57:25)
गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विजयादशमी उत्सव के मौके पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने राम मंदिर निर्माण को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी रास्ते से राम मंदिर का निर्माण जरूर होना चाहिए, इसके लिए सरकार को कानून लाना चाहिए.
उन्होंने राम मंदिर निर्माण, अर्बन नक्सल, पाकिस्तान और चीन समेत कई मुद्दों को छुआ जिनके राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे हैं.
विजयदशमी क्यों है खास?
आपको बता दें कि 1925 की विजयादशमी के दिन ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की गई थी. तभी से हर विजयादशमी के अवसर पर इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. संघ इसे विजय दिवस के रूप में मनाता है. हाल ही के दिनों RSS के कार्यक्रमों में कई ऐसे अतिथि आए हैं जो चर्चा का विषय बने हैं. पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, फिर रतन टाटा और अब कैलाश सत्यार्थी.