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राहुल का एक और 'कन्फ्यूजन', कर बैठे ये बड़ी गलती





मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार कर रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आजकल कन्फ्यूजन के शिकार हो रहे हैं. सोमवार के बाद मंगलवार को एक बार फिर उनकी जुबान फिसल गई.

लाल किले पर राष्ट्रपति का भाषण!

एमपी के खरगौन में एक चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को लाल किले की प्राचीर पर पहुंचा दिया. राहुल ने कहा, "देश का राष्ट्रपति जाता है...लाल किले पर खड़ा होता है और देश को कहता है...भाइयों एवं बहनों, मेरे आने से पहले, मेरे प्रधानमंत्री बनने से पहले...आपके माता-पिता, दादा-दादी, चाचा-चाची सब सो रहे थे."

बता दें कि भारत की परंपरा के मुताबिक 15 अगस्त को देश के प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा फहराते हैं और वहां से देश को संबोधित करते हैं. दरअसल पीएम नरेंद्र मोदी पर सियासी तीर छोड़ते हुए राहुल प्रधानमंत्री की जगह राष्ट्रपति बोल बैठे.

क्या कहा था राहुल ने?

इससे पहले सोमवार को राहुल गांधी ने एमपी के झाबुआ में सीएम शिवराज सिंह चौहान पर जोरदार हमला किया था. राहुल ने सीएम शिवराज सिंह के बेटे कार्तिकेय का नाम पनामा पेपर्स से जोड़ दिया था. राहुल ने कहा था कि "पनामा पेपर्स में नाम आने पर पाकिस्तान में नवाज शरीफ पर कार्रवाई होती है लेकिन यहां चीफ मिनिस्टर के बेटे का नाम पनामा पेपर्स में आता है तो कोई एक्शन नहीं लिया जाता, महाकुंभ, ई टेंडरिंग और व्यापमं में मामाजी पैसा बनाते हैं." 

राहुल के इस बयान पर शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय भड़क उठे थे. 24 घंटे गुजरते-गुजरते शिवराज ने राहुल पर मानहानि का मुकदमा करवाया.

कन्फ्यूजन पर कन्फ्यूजन

हालांकि जैसे ही राहुल को गलती का एहसास हुआ उन्होंने अपने बयान को कन्फ्यूजन करार दिया. इंदौर में राहुल ने कहा कि बीजेपी में इतना भ्रष्टाचार है कि वह कन्फ्यूज हो गए थे. राहुल के मुताबिक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने पनामा नहीं किया, बल्कि उन्होंने ई-टेंडरिंग और व्यापमं स्कैम किया है. राहुल ने कहा कि वे छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह के बेटे की वजह से कन्फ्यूज हुए थे.

  

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