कोचिंग नगरी कोटा में महामारी की तरह फैल रहे स्वाइन फ्लू के घातक वायरस ने गुरुवार को और तीन मरीजों की जान ले ली. अटरू के कराडिया निवासी रामदयाल, करोली जिले के निवासी बुदी देवी और खातोली निवासी रईशा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. रईशा की अभी तक जॉच रिपोर्ट मिली है. पिछले दो दिनों में स्वाइन फ्लू से आधा दर्जन मरीजों की मौत हो गई. एक सप्ताह में 17 मरीजों ने स्वाइन फ्लू के चलते दम तोड़ दिया.
इस साल करीब 1200 से अधिक मरीजों ने स्वाइन फ्लू की जांच कराई थी जिसमें से करीब 300 मरीजों की जांच रिर्पोट पॉजिटिव आ चुकी है. चिकित्सा विभाग की लापरवाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मौत के दूसरे दिन भी चिकित्सा विभाग आंखें मूंद कर बैठा है. रोकथाम का दावा करने वाले सीएमएचओ और विभाग के कर्मचारियो को पॉजिटिव मरीजों के परिजनो और पड़ोसियों को टेमी फ्लू दवा वितरित कर जागरूकता कार्यक्रम चलाना चाहिए था, लेकिन विभाग के कर्मचारी ही नहींं बल्कि सीएमएचओ तक इन मौतों से अनभिज्ञ हैं