Skip to main content

शहरों को रोशन करने के लिए अंतरिक्ष में कृत्रिम 'चांद' भेजेगा चीन







पड़ोसी देश चीन अंतरिक्ष में कृत्रिम ''चांद'' लॉन्च करने जा रहा है जिससे उम्मीद है कि यह देश के सबसे बड़े शहरों में से एक को रोशन करेगा. इस कृत्रिम ''चांद'' की रोशनी असली ''चांद'' से आठ गुना ज्यादा होगी, जिससे चेंगदू शहर में स्ट्रीट लाइट की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.

एशिया टाइम्स की खबर के मुताबिक चीन के सिचुआन प्रांत की राजधानी चेंगदू ने घोषणा की है कि 2020 तक वो अंतरिक्ष की कक्षा में एक सैटेलाइट स्थापित करेगा जो सूर्य की रोशनी को प्रतिबिंबित कर रात में शहर को रोशन करेगा. चेंगदू शहर के अधिकारियों का दावा है कि इस सैटेलाइट की रोशनी इतनी होगी की इससे शहर में स्ट्रीट लाइट्स की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. सैटेलाइट एक परावर्तक कोटिंग का इस्तेमाल करेगा जिससे प्रतिबिंबित होने वाली रोशनी धरती के 50 वर्ग मील क्षेत्र को रोशनी प्रदान करेगा.

यह लॉन्च 1999 के रूसी शोधकर्ताओं के प्लान पर आधारित है जिसमें कक्षा में रखे गए दर्पण की मदद से साइबेरिया के शहरों को रोशन करने की योजना बनाई गई थी. चीन को उम्मीद है कि यह तकनीक बिजली की तुलना में एक किफायती विकल्प साबित होगी.

रिपोर्ट्स के मुताबिक चेंगदू शहर में कई सालों से कृत्रिमचांद की तकनीक का मूल्यांकन किया जा रहा और इसके कई दफे इसके टेस्ट के बाद तय किया गया कि यह तकनीक अब लॉन्च के लिए तैयार है. रिपोर्ट के मुताबिक यह क्रांतिकारी विचार चीन के बिजनेसमैन और चेंगदू एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम रिसर्च इंस्टिट्यूट के अध्यक्ष वू शुनफेंग के दिमाग की उपज है. शुनफेंग का कहना है कि प्रारंभिक टेस्टिंग पूरी कर ली गई है और 20020 तक यह सैटेलाइट तैयार हो जाएगी.

हालांकि इस कृत्रिम चांद के इस्तेमाल पर सवाल खड़े होने लगे हैं कि रात न होने की वजह से इसका दुष्प्रभाव शहर और आसपास के जानवरों पर पड़ेगा.

  

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...