Skip to main content

वॉट्सऐप के जरिए चुनाव जीतने की जुगत में BJP, कांग्रेस की आपत्ति







मध्य प्रदेश में भाजपा इस बार व्हाट्सऐप के जरिए अपनी चुनावी नैया पार लगाने की जुगत में है. इसके लिए पार्टी ने प्रदेश के 65,000 बूथों पर अर्ध पन्ना प्रमुख के साथ कार्यकर्ताओं की एक टीम तैयार की है. इनके पास बूथ के वोटरों के मोबाइल नंबर हैं, जिन्हें इन्होंने वॉट्सऐप से जोड़ रखा है. भाजपा कार्यकर्ता इन्हीं वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए क्षेत्र की जनता से अपनी पार्टी के पक्ष में वोट देने की अपील करेंगे.

भाजपा मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में कर्नाटक फॉर्मूले को अपना रही है. सूबे में चौथी बार सरकार बनाने के लिए बीजेपी ने कर्नाटक की तरह माइक्रो मैनेजमेंट प्लान बनाया है. बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल के मुताबिक इसके लिए पार्टी ने बूथ स्तर पर पन्ना प्रमुख को तो नियुक्त किया ही है, साथ ही कार्यकर्ताओं को हर घर हर जन तक पहुंचाने के लिए अर्ध पन्ना प्रमुखों की भी नियुक्ति की है और एक-एक कार्यकर्ता को 10-10 परिवार की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

मध्य प्रदेश में तकरीबन 65,000 बूथ हैं. ऐसे में बीजेपी ने हर बूथ की जनता को पार्टी के पक्ष में करने के लिए अपने कार्यकर्ताओं को तैनात कर दिया है. ये कार्यकर्ता हर बूथ पर मतदाताओं के मोबाइल नंबर से व्हाट्सऐप ग्रुप रखे हैं. इन्हीं वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए भाजपा चुनावी प्रचार कर रही है.

मध्य प्रदेश में चाहे राजनीतिक पार्टियों के बीच जारी सोशल मीडिया वॉर हो या अपनी पार्टी का गुणगान...सब वॉट्सऐप के जरिए हो रहा है. विरोधियों के खिलाफ बयान और माहौल बनाने के लिए भी वॉट्सऐप सभी राजनीतिक दलों के लिए अचूक हथियार बन चुका है. यही वजह है कि बीजेपी इस बार वॉट्सऐप के जरिए जनता के वोटों में सेंध लगाने की तैयारी में है.

मध्य प्रदेश में बीजेपी ने हर बूथ की वोटर लिस्ट के एक पन्ने पर पन्ना प्रमुख के साथ दो कार्यकर्ताओं को तैनात किया है. ये कार्यकर्ता अपने हिस्से के 10 परिवार यानी तकरीबन 30 मतदाताओं से घर-घर जाकर संपर्क बना रहे हैं. इन प्रभारियों द्वारा मतदाताओं को भाजपा की खूबियों से अवगत कराया जा रहा है.

इसी कड़ी में पन्ना प्रमुखों ने सभी मतदाताओं के मोबाइल नंबर जुटाकर उन्हें व्हाट्सऐप ग्रुप से जोड़ लिया है, जिनके जरिए भाजपा की उपलब्धियां बताई जा रही हैं. वहीं, कांग्रेस ने बीजेपी के इस चुनावी दांव पर आपत्ति जताई है.

मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल ने आरोप लगाया कि बीजेपी वॉट्सऐप के जरिए मध्य प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है और चुनाव से पहले इसकी संभावना पहले से ही जताई जा रही है. इससे पहले अमित शाह के कर्नाटक के इसी माइक्रो मैनेजमेंट फॉर्मूले ने भाजपा को सत्ता के करीब ला दिया था. यही वजह है कि इस बार अमित शाह का फॉर्मूला 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' पर बीजेपी काम करती दिख रही है.

  

Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...