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बांग्लादेश ने PAK को निपटाया, फाइनल में भारत से होगा मुकाबला




मुश्फिकुर रहीम (99) और मोहम्मद मिथुन (60) की संघर्षपूर्ण पारियों द्वारा रख गए 240 रनों के लक्ष्य काबांग्लादेश के गेंदबाजों ने सफलतापूर्वक बचाव किया और पाकिस्तान को एशिया कप-2018 के सुपर-4 के अंतिम मुकाबले में 37 रनों से मात देकर तीसरी बार फाइनल में जगह बनाई.

शेख जायेद क्रिकेट स्टेडियम में बुधवार को खेले गए इस मैच में पाकिस्तान की टीम आसान से लक्ष्य के सामने पूरे ओवर खेलने के बाद नौ विकेट खोकर 202 रन ही बना सकी.

बांग्लादेश ने इससे पहले 2012 और फिर 2016 मेंएशिया कप के फाइनल में जगह बनाई थी. फाइनल में उसका सामना शुक्रवार को भारत से होगा.

पाकिस्तान की तरफ से इमाम उल हक ने सबसे ज्यादा 83 रन बनाए. उनके अलावा पाकिस्तान का कोई और बल्लेबाज 50 के आंकड़े को छू नहीं सका. बांग्लादेश के लिए मुस्ताफीजुर रहमान ने चार विकेट लिए. मेहंदी हसन मिराज के हिस्से दो विकेट आए. रुबेल हुसैन, महामुदुल्लाह, सौम्य सरकार को एक-एक सफलता मिली.

आसान से लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान ने अपने तीन विकेट महज 18 रनों पर खो दिए थे. फखर जमां (1), बाबर आजम (1) और कप्तान सरफराज अहमद (10) तीन अपनी टीम को अच्छी शुरुआत नहीं दे पाए और सलामी बल्लेबाज इमाम को अकेला छोड़ गए.

टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी शोएब मलिक (30) ने इमाम का साथ दिया और टीम का स्कोर 85 रनों तक पहुंचाया. यहां मलिक को बांग्लादेशी कप्तान मुर्तजा ने रूबेल की गेंद पर शानदार कैच पकड़ कर पवेलियन की राह दिखाई.

शादाब खान (4) को सरकार ने पवेलियन भेजा, यहां आसिफ अली (31) ने इमाम का साथ दिया. दोनों के बीच अच्छा साझेदारी हो रही थी और इसी जोड़ी के ऊपर पाकिस्तान की सारी उम्मीदें टिकी हुई थीं, लेकिन आसिफ, मिराज की गेंद पर आगे बढ़कर मारने के प्रयास में लिट्टन दास के हाथों स्टम्प कर दिए गए. उनका विकेट 165 के कुल स्कोर पर गिरा.

दो रन बाद इमाम भी महामुदुल्लाह की गेंद पर लिटन के हाथों लपके गए. उन्होंने अपनी पारी में 105 गेंदों का सामना किया और दो चौकों के अलावा एक छक्का लगाया. यहां से पाकिस्तान की हार तय हो गई थी. अंत में मोहम्मद नवाज (8), हसन अली (8) जल्दी पवेलियन लौट लिए.

शाहीन शाह अफरीदी 14 और जुनैद खान तीन रन बनाकर नाबाद रहे.

इससे पहले बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 48.5 ओवरों में सभी विकेट खोकर 239 रन बनाए थे. टीम को यहां तक पहुंचाने में रहीम और मिथुन का योगदान रहा. इन्होंने टीम को खराब शुरुआत से बाहर निकालते हुए सम्मानजनक स्कोर दिया.

बांग्लादेश ने 12 रनों पर ही अपने तीन विकेट खो दिए थे. सौम्य सरकार (0), मोमिनुल हक (5) और लिटन दास (6) पवेलियन लौट लिए थे. यहां से रहीम और मिथुन ने चौथे विकेट के लिए 144 रनों की साझेदारी कर टीम को संभाला.

इस साझेदारी को हसन अली ने मिथुन को 156 रनों के कुल स्कोर पर आउट कर तोड़ा. मिथुन ने 84 गेंदें में चार चौकों की मदद से अर्धशतकीय पारी खेली.

इमरुल कायेस (9) को शादाब खान ने अपना शिकार बनाया. रहीम अपने शतक की ओर बढ़ ही रहे थे कि शाहीन की एक गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर सरफराज अहमद के दस्तानों में चली गई और रहीम शतक से चूक गए. रहीम इसी के साथ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 99 के निजी स्कोर पर आउट होने वाले बांग्लादेश के पहले बल्लेबाज बन गए.

अंत में महमुदुल्ला (25), मुर्तजा (13) और मिराज (12) ने टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके.

पाकिस्तान के लिए जुनैद खान ने सबसे ज्यादा चार विकेट अपने नाम किए. शाहीन और हसन ने दो-दो विकेट लिए. शादाब के हिस्से एक विकेट आया.

  

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