चित्तौडग़ढ़. मानसून की विदार्ई से पहले भादवे में मेघ मेहरबान हुए है। जिले में पिछले दो दिन से बनी मानसून की सक्रियता शनिवार को भी कायम रही। चित्तौडग़ढ़ शहर सहित जिले में कई स्थानों पर बारिश का दौर बना रहा। शहर में शुक्रवार मध्यरात्रि बाद ही रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया। तड़के करीब चार बजे आघे घंटे तक तेज बारिश भी हुई। इसके बाद दिनभर भी रूक-रूक कर बूंदाबांदी व रिमझिम वर्षा जारी रही। बारिश के कारण शहर में कई जगह सड़कों पर पानी भर गया। दिन में जनजीवन पर भी रिमझिम बारिश का असर दिखा और लोग बाजार में छाता लेकर या रैनकोट पहनकर ही पहुंचे। अधिकतर समय सूरज बादलों की ओट में ही छिपा रहा। मानसून की मेहरबानी से मौसम सुहाना हो गया। मानासून की सक्रियता से जलाशयों में पानी की आवक भी बढ़ गई है। जिले के सबसे बड़ा बांध गंभीरी बांध का जलस्तर भराव क्षमता २३ फीट के मुकाबले २०.५ फीट पहुंच गया है। जल संसाधन विभाग के अनुसार शनिवार शाम ८ बजे समाप्त २४ घंटे में सर्वाधिक ४२ मिलीमीटर बारिश बेंगू में दर्ज की गई। इस अवधि में बड़ीसादड़ी में ३४, निम्बाहेड़ा में ३२, गंभीरी बांध पर ३३, बस्सी बांध पर ३०, संगेसरा बांध पर ३०, राशमी, कपासन व भूपालसागर में २२-२२, भदेसर में २१, चित्तौडग़ढ़़ में २०, भैसरोडग़ढ़ में १७, ओराई बांध पर १८, गंगरार में ११ एवं डूंगला में ९ मिलीमीटर बारिश दर्र्ज की गई।...
सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...