Skip to main content

विधायक अवस्थी की अपील : व्यापारी बंद में सहयोग नहीं करे और सोमवार को प्रतिष्ठान खुले रखे

 
 भाजपा विधायक विट्ठल शंकर अवस्थी ने सभी शहरी व्यापारियों , उधयोगपतियों और श्रमिकों से अपील की है के दस सितम्बर सोमवार के कथित भारत बंद में सहयोग नहीं करें तथा अपना व्यापार, दुकानें और उधयोग रोज़मर्रा की तरह खोलें और बंद समर्थकों के आह्वान और दबाव को नज़रंदाज कर दे । 
    श्री अवस्थी ने कहा की पेट्रोल डीज़ल गैस की क़ीमतें अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार के ज़रिये तय होती है और सभी तेल कंपनिया सरकारी नियंत्रण से बाहर है - ये निर्णय कांग्रेस की सरकार में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह क़ेबीनेट ने किया था जब तेल कम्पनियों का घाटा हज़ारों करोड़ में पहुँच गया था और ये कंपनिया अब अपना पुराना घाटा पूरा कर रही है लेकिन जल्दी ही दरें नियंत्रण में आ जाएगी ।
  उन्होंने कहा कि विपक्षी ज़बरन इसे मुद्दा बना कर देश के व्यापार को अस्थिर करना चाहते है जो देश हित और व्यापारी के स्वहित में भी ठीक नहीं है ।
 अवस्थी ने कहा कि व्यापार बंद करना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और व्यापार में बाधा पहुँचाना और तोड़फोड़ की धमकी देकर व्यापार बाधित करना ग़ैर क़ानूनी है इसीलिए व्यापारी वर्ग बग़ैर किसी डर और धमकी की परवाह किये सोमवार को अपनी दुकाने और प्रतिष्ठान खोलें और दैनिक सामान्य जीवन की तरह कारोबार करे ,पूरी सरकार और भारतीय जनता पार्टी उनके साथ है ।
     विधायक अवस्थी ने कहा की कोई भी व्यक्ति या समूह ज़बरन बाज़ार अथवा दुकान बंद कराने का प्रयास करें तो व्यापारी प्रतिकार करे और पुलिस की मदद ले और सौ नम्बर पर डायल कर पुलिस की मदद माँगे । इस मामले भाजपा के कार्यकर्ता और उन्हें भी सीधा फ़ोन कर सूचना दे सकते है ।
   विधायक अवस्थी ने पुलिस अधीक्षक को सभी व्यापारियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए शहर में अतिरिक्त पुलिस बल लगाने की माँग की है तथा ज़बरदस्ती करने वालों को तत्काल गिरफ़्तार करने को कहा है ।


Popular posts from this blog

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी 

  सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...

BSP से गठबंधन के बाद बोले अखिलेश यादव- BJP नेता- कार्यकर्ता पस्त, 

साथ आने को बेचैन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके भारतीय जनता पार्टी पर अटैक किया. उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारे गठबंधन के बाद बीजेपी का बूथ चकनाचूर हो गया है. अब बीजेपी के लोग सपा-बसपा में शामिल होना चाहते हैं. बता दें, शनिवार को सपा ने मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. अखिलेश यादव ने लिखा, 'बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.' बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर...

हिंदुत्व के साइनबोर्ड पर भाजपा संगठन और विकास के बूते लड़ सकती है 2019 का चुनाव

    भाजपा हिंदुत्व को नहीं छोड़ सकती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि संघ भाजपा का मातृसंगठन है और उसका आधार हिंदुत्व है। संघ के मुख पत्र आर्गनाइजर ने अपने संपादकीय में भाजपा को हिंदुत्व और विकास के मुद्दे को समान महत्व देने का सुझाव दिया है। आर्गनाइजर की संपादकीय से साफ है कि भाजपा और संघ के भीतर हिन्दुत्व और हिन्दुत्व से जुड़े राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर विमर्श चल रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव लंबे समय से संघ के अघोषित प्रवक्ता रहे हैं। उन्होंने अधिकारिक बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर आध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है। राम माधव का कहना है कि उच्चतम न्यायालय ने चार जनवरी को अगली बेंच के निर्धारण के लिए तारीख दी है। भाजपा को उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय फास्ट ट्रैक तरीके से इस मामले की सुनवाई करके जल्द फैसला देगी। राम माधव ने कहा कि ऐसा नहीं होता, तो अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। राम माधव के इस बयान को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लखनऊ में दिए वक्तव्य से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा और के...