राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ जैसे बड़े भाजपा शासित राज्यों में जनाधार बढ़ाने की चुनौती से जूझ रही कांग्रेस इन राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले अपना आर्थिक आधार मजबूत करने की रणनीति बना रही है। तीनों राज्यों की 520 सीटों के इस चुनाव से पहले पार्टी अपनी माली हालत सुधारने के लिए हर शहर, हर मोहल्ले तक चंदा जुटाने का अभियान छेड़ेगी। पिछले दिनों नई दिल्ली में हुई पार्टी की बैठक में चंदे के लिए चालीस दिन तक पूरे देश में क्राउड फंडिंग अभियान की योजना बनाई है।
जानकारी के अनुसार 2014 में सत्ता से बाहर होने के बाद से ही कांग्रेस का पार्टी फंड लगातार सिकुड़ता जा रहा था। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म की ओर से जारी राजनीतिक दलों की आय और चंदे से जुड़े आंकड़ों को देखें तो 2004-05 में जहां सभी दलों को मिलने वाले कुल चंदे में कांग्रेस का हिस्सा 43 प्रतिशत से अधिक था, वह 2016-17 में गिर कर 6.2 प्रतिशत ही रह गया। यह पिछले करीब एक दशक से अधिक समय की पार्टी की सबसे कमजोर स्थिति थी।...