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वसुंधरा सरकार ने 6 हजार कांस्टेबलों को एक साथ हेड कांस्टेबल बनाया



 राजस्थान सरकार ने करीब साढ़े 6 हजार कांस्टेबलों को एक साथ कांस्टेबल बना दिया. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस मौके पर कहा कि राजस्थान के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है. वहीं विपक्ष सरकार के इस फैसले को वोट हथियाने का चुनावी हथकंडा बता रही है. तो हेड कांस्टेबल बने पुलिसकर्मीयों ने वसुंधरा राजे को खुशी के मारे अपना माई बाप बताया.

इस समारोह में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कांस्टेबल को हेड कांस्टेबल का फीता लगाते हुए कहा कि राजस्थान के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि बिना किसी परीक्षा के, बिना किसी आवेदन के 18 साल की नौकरी पूरी करने वाले सभी कांस्टेबल को हेड कांस्टेबल बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में 50 फीसदी कांस्टेबल हेड कांस्टेबल बना दिए जाएंगे. वसुंधरा राजे न इन पुलिसकर्मियों को अपना परिवार बता कर इशारों-इशारों में वोट देने की अपील भी की.

इस समारोह में हेड कांस्टेबल बने पुलिसकर्मी काफी खुश नजर आए. दूर दराज से आए इन कांस्टेबलों के लिए सरकार की तरफ खाने-पीने, आने-जाने तक का इंतजाम किया गया था. साथ इन पुलिसकर्मियों को अपने परिवार वालों को भी साथ लाने के लिए कहा गया था. इनके परिवार वालो खुशी थी कि अपने कांस्टेबल भाई, बहन, पिता को हेड कांस्टेबल बनते हुए देख रहे थें. मंजू राम कॉन्स्टेबल पिछले 10 साल से हेड कांस्टेबल बनने की परीक्षा दे रहा थें लेकिन पास नही हो रहा थें. अब हेड कांस्टेबल बने मंजू राम कहते हैं कि वोट तो उसे हीं देंगे जो माई-बाप हैं.

कांग्रेस राजे सरकार के इस समारोह के खिलाफ लगातार आवाज उठा रही थी. कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत ने तो इसे BJP का मानसिक दिवालियापन करार दे दिया था. समारोह को रोकने के लिए कांग्रेस पार्टी हाईकोर्ट भी गई थी. हालांकि कोर्ट ने इसे रोकने से तो इंकार करते हुए कहा था कि इस समारोह में जितना भी खर्च हो रहा है, इसकी पूरी रिपोर्ट राजस्थान सरकार की तरफ से कोर्ट को सौंपी जाए. यही वजह है कि आज वसुंधरा राजे इस सभा में कोई भी राजनीतिक भाषण नहीं दे पाई.

  

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