भीलवाड़ा -वित्तिय अनियमितताओं के बाद चर्चा में आए भीलवाड़ा महिला अरबन को-ऑपरेटिव बैंक के जमाकर्ताओं को ६० करोड़ रुपए मिलने के अरमान आसूओं में बह गए है। २५ हजार खाताधारकों को कब राशि मिलेगा इसका जवाब किसी के पास नहीं है। ऐसे में खाताधारकों की नाराजगी सरकार पर भारी पड़ सकती है। २० साल पुराने बैंक का लाइसेन्स भारतीय रिर्जव बैंक मुम्बई ने २३ अगस्त को ही निरस्त कर दिया था। इसकी क्रियान्विति ३१ अगस्त को आरबीआई ने करते हुए नोटिस थमाकर कर दी। आरबीआई ने रजिस्ट्रार को लिक्विडेटर लगाने के आदेश भी दिए। शनिवार को रजिस्ट्रार ने कोई आदेश जारी नहीं किए। रविवार व सोमवार को अवकाश होने से अब मंगलवार को ही निर्देश जारी होंगे। बैंक का लाइसेन्स निरस्त होने के सामाचार मिलते ही खाताधारक बैंक में पहुंचने लगे तथा गाढ़े कमाई की जमा पूंजी कब मिलेगी के सवाल बैंक प्रबन्धक मदनलाल शर्मा से करने लगे। दिनभर सैकड़ों लोग बैंक पहुंचे। सभी को एक ही जवाब मिला की आगे क्या निर्देश मिलते है। उसके बाद ही कोई निर्णय होगा। कई महिलाए एफडी लेकर बैंक पहुंची। शर्मा के सामने ने उनकी आंखों से अश्रु की धारा बह निकली। शर्मा आरबीआई के आदेश के आगे बेबस नजर आए।..
सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए लाए गए मोदी सरकार के बिल के पास होने के बाद इसे संवैधानिक तौर से सोमवार को लागू कर दिया गया. सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के संबंध में सोमवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान सोमवार से प्रभाव में आ गया. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राजपत्रित अधिसूचना के अनुसार, ‘संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 14 जनवरी को उस तारीख के रूप में चिह्नित करती है जिस दिन कथित कानून के प्रावधान प्रभाव में आएंगे.’ संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन के साथ ही एक उपबंध जोड़ा गया है. इसके जरिए राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी वर्ग के नागरिकों के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने...