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फेसबुक पर हैकर्स का 'हमला', 5 करोड़ यूजर्स की सूचनाएं चोरी



 फेसबुक ने शुक्रवार को कबूल किया कि उसकी सुरक्षा में सेंधमारी के कारण 50 मिलियन यानी 5 करोड़ लोगों के अकाउंट पर असर पड़ा. इस सोशल नेटवर्किंग साइट का कहना है कि उसके कंप्यूटर नेटवर्क पर हमला कर यूजर्स की सूचनाएं हैक की गईं.

इस हफ्ते की शुरुआत में हैक की घटना सामने आई. हैकर्स फेसबुक कोड की एक फीचर पर हमला कर यूजर्स के अकाउंट तक पहुंच गए. हालांकि कंपनी ने इस गड़बड़ी को अब दुरुस्त कर लिया है और सुरक्षा एजेंसियों को इसकी सारी जानकारी दे दी गई है.

शुक्रवार सुबह 9 करोड़ से ज्यादा फेसबुक यूजर्स को जबरन लॉगआउट कराया गया ताकि उनके अकाउंट सुरक्षित रखे जा सकें. सुरक्षा में सेंधमारी होने पर ऐसी तरकीब अपनाई जाती है. फेसबुक का कहना है कि हमलावरों के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है, लेकिन आगे की पड़ताल जारी है.

फेसबुक के इतिहास में शुक्रवार की हैकिंग सबसे बड़ी घटना मानी जा रही है. इससे पहले 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में रूस के प्रोपगैंडा अभियान को लेकर फेसबुक को कड़ी आलोचना का शिकार होना पड़ा था. कंपनी के दिनोंदिन बढ़ते कद को देखते हुए इसे रेगुलेट करने का दबाव भी बढ़ता जा रहा है. अभी हाल में कैंब्रिज एनालिटिका स्कैंडल भी सामने आया था जिसमें कंपनी की चौतरफा निंदा हुई थी. ब्रिटेन की कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका ने तकरीबन पौने नौ करोड़ फेसबुक यूजर्स के डेटा चुरा लिए थे. 

फेसबुक के सामने अभी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह अपने यूजर्स को कैसे भरोसा दिलाए कि डेटा संभालने में वह सक्षम है. दुनिया में हर महीने 2 अरब से ज्यादा लोग फेसबुक यूज करते हैं. इससे अलग 2 अरब लोग व्हाट्सअप और फोटो शेयरिंग ऐप इंस्टाग्राम भी यूज करते हैं. ये दोनों कंपनियां फेसबुक की हैं. 

कैंब्रिज एनालिटिका स्कैंडल मामले में फेसबुक के चीफ एक्जक्यूटिव मार्क जकरबर्ग ने कहा था, 'आपके डेटा सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी हमारी है. अगर ऐसा नहीं कर सकते तो हम आपकी सेवा करने के लायक नहीं हैं.' डेटा शेयरिंग और प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर फेसबुक अभी कई सरकारी जांच का सामना कर रही है. कैंब्रिज एनालिटिका स्कैंडल सामने आने के बाद सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ने फेसबुक के खिलाफ जांच भी शुरू कर दी है.

  

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